ठाकुरगंज।
इंकलाब फाउंडेशन एक बार फिर इंसानियत की मिसाल बनकर सामने आया। ठाकुरगंज निवासी तराना नाज़ अस्पताल में भर्ती थीं और उन्हें ओ पॉज़िटिव ब्लड की सख़्त ज़रूरत पड़ी। जैसे ही जानकारी फाउंडेशन तक पहुँची, संगठन ने अपनी परंपरा को निभाते हुए तुरंत मदद पहुंचाई।
इस मौके पर फाउंडेशन के सक्रिय सदस्य रज़ा क़ादरी (सुल्तान) इस्लामपुर पहुंचे और रक्तदान कर तराना नाज़ की ज़िंदगी बचाने में अहम भूमिका निभाई। उनके इस मानवीय कार्य की हर ओर सराहना हो रही है।
रक्तदान के बाद रज़ा क़ादरी ने कहा—
“रक्तदान सिर्फ़ दान नहीं, बल्कि इंसानियत का सबसे बड़ा काम है। अगर मेरे खून की कुछ बूंदें किसी की जान बचा सकती हैं तो यह मेरे लिए सौभाग्य है। मैं समाज के सभी युवाओं से अपील करता हूँ कि जब भी मौक़ा मिले, रक्तदान ज़रूर करें।”
स्थानीय लोगों ने इंकलाब फाउंडेशन की इस तत्परता की खुलकर प्रशंसा की और कहा कि संगठन हर मुश्किल घड़ी में परिवार से भी पहले मदद के लिए खड़ा हो जाता है। फाउंडेशन का यह प्रयास समाज में इंसानियत और भाईचारे की मिसाल कायम कर रहा है।
