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भागलपुर व्यवहार न्यायालय में *राष्ट्रीय लोक अदालत का हुआ आयोजन *विभिन्न मामलों एवं वाद विवादों का हुआ निपटारा* रिपोर्ट – अमरजीत कुमार तिवारी,भागलपुर/ बिहार आज भागलपुर जिला अंतर्गत व्यवहार न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत लगाया गया जिसमें विभिन्न मामलों की सुनवाई करते हुए मामलों का निपटारा किया गया।भागलपुर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार ,भागलपुर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार पटना ,के निर्देश के आलोक में व्यवहार न्यायालय भागलपुर में 9 मई को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया साथ ही भागलपुर जिले के अंतर्गत ही दो अन्य जगहों पर नवगछिया एवं कहलगांव में भी राष्ट्रीय लोक अदालत लगा ।राष्ट्रीय लोक अदालत द्वितीय का आयोजन किया गया। इस बार के लोक अदालत में भागलपुर में वाद निपटारा हेतु 22 बेंच ,नवगछिया में 7 बेंच, कहलगांव में 2 बेंच बैठने का निर्धारण किया गया । 22 बेंच में 5 बेंच चालान के लिए लगाए गए थे ।विशेष रूप से इस बार चालान की बेंच को जिला स्कूल में बैठाए गए हैं जिला स्कूल में ही सारी व्यवस्था की गई है वहां पर ट्रैफिक डिपार्टमेंट के सारे ऑफिसर एवं परिवहन विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे।व्यवहार न्यायालय कंपाउंड में बैंक संबंधित मामलों के अधिकारी,बिजली विभाग अधिकारी,जैसे कई आवेदनों पर सुलह कर वाद – बैंक लॉन ,बिजली बकाया ,अन्य रेलवे के केश का आवेदन पर निपटारा किया गया । बाइट — दीपांकर पांडे, जिला सत्र न्यायाधीश , भागलपुर व्यवहार न्यायालय

आनन्दराम ढांढनियाँ सरस्वती विद्या मंदिर, भागलपुर में शिशु वाटिका खंड के तत्वावधान में शिशु के सर्वांगीण विकास हेतु “अभिभावक प्रबोधन सह शिक्षा कार्यक्रम” सम्पन्न हुआ। रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/ बिहार। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री सुमंत कुमार, उप-प्रधानाचार्य श्री अशोक कुमार मिश्र, शिशु वाटिका प्रमुख श्रीमती अनीता सिन्हा, मातृ भारती अध्यक्षा श्रीमती मधु प्रिया मंडल, कोषाध्यक्षा श्रीमती तनुजा भारती , नेहा कुमारी एवं मंत्री श्रीमती रिचा मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। आगत अतिथियों का स्वागत एवं परिचय श्रीमती श्वेता सौरभ ने अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर किया। शिशु वाटिका प्रमुख अनीता सिन्हा ने “अभिभावक शिक्षा की महत्ता” विषय पर विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए कहा कि बालक के व्यक्तित्व निर्माण में अभिभावकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उक्त अवसर पर आचार्या दिव्या आनन्दी एवं आरती झा के सफल निर्देशन में अभिभावकों ने अपने शिशुओं के साथ विभिन्न रचनात्मक एवं शिक्षाप्रद गतिविधियों में सहभागिता की। कार्यक्रम में अभिभावकों को भी अपने विचार व्यक्त करने का अवसर प्रदान किया गया। सभी कक्षाओं के भैया-बहनों द्वारा हिंदी एवं अंग्रेजी में आकर्षक राइम्स प्रस्तुत की गईं, जिसे उपस्थित अभिभावकों ने खूब सराहा। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री सुमंत कुमार जी ने कहा कि शिशु के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय एवं अभिभावकों के मध्य सतत संवाद एवं सहयोग आवश्यक है। संस्कारयुक्त शिक्षा, अनुशासन एवं स्नेहपूर्ण वातावरण से ही बच्चों का उज्ज्वल भविष्य निर्मित किया जा सकता है।उप-प्रधानाचार्य श्रीमान अशोक कुमार मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि शिशु जीवन की प्रथम पाठशाला उसका परिवार होता है। अभिभावकों के संस्कार, व्यवहार एवं मार्गदर्शन का प्रभाव बालक के व्यक्तित्व पर प्रत्यक्ष रूप से पड़ता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय एवं अभिभावकों के समन्वित प्रयास से ही बच्चों का शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं नैतिक विकास संभव है। साथ ही उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के साथ अधिक समय बिताने, उनकी जिज्ञासाओं को समझने एवं सकारात्मक वातावरण प्रदान करने का आग्रह किया। अभिभावकों को वाटिका लैव का भ्रमण कराया गया।आज के बैठक की अध्यक्षता नेहा कुमारी एवं मंच संचालन आयुषी सिन्हा ने किया। कार्यक्रम का समापन आचार्या आरती झा के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

*कचरे के ढेर पर ‘सत्याग्रह’ भागलपुर को बदहाली से* *उबारने के लिए आलोक यादव की 21 दिवसीय भूख हड़ताल सिल्क सिटी के नाम से मशहूर* संवाददाता शुभम कुमार भागलपुर/बिहार भागलपुर की पहचान इन दिनों सड़कों पर बिखरे कचरे और गंदगी के अंबारों से होने लगी है, लेकिन प्रशासन की इसी बेरुखी के खिलाफ अब एक युवा ने गांधीवादी संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है। सामाजिक कार्यकर्ता आलोक यादव शहर को कचरा मुक्त बनाने और नगर निगम की सुस्त कार्यप्रणाली को पटरी पर लाने के लिए 21 दिनों की भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उनकी यह तपस्या अब धीरे-धीरे एक जन-आंदोलन का रूप ले रही है, जिसने नगर निगम से लेकर जिला प्रशासन तक की नींद उड़ा दी है धरना स्थल पर डटे आलोक यादव का कहना है कि शहर की सफाई व्यवस्था केवल कागजों और टेंडरों तक सीमित होकर रह गई है, जबकि धरातल पर आम जनता बदबू और बीमारियों के बीच जीने को मजबूर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक डंपिंग यार्ड का वैज्ञानिक निस्तारण और हर वार्ड में कचरा प्रबंधन की ठोस व्यवस्था लागू नहीं होती, तब तक उनका यह अन्न त्याग जारी रहेगा। जैसे-जैसे अनशन के दिन बढ़ रहे हैं, आलोक की शारीरिक स्थिति तो कमजोर हो रही है, लेकिन उनकी आंखों में अपने शहर को सुंदर बनाने की चमक और भी बढ़ती जा रही है इस आंदोलन की गूंज अब गली-मोहल्लों तक पहुंच चुकी है और भारी संख्या में शहरवासी उनके समर्थन में धरना स्थल पर पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि जो काम वर्षों से नगर निगम के करोड़ों के बजट नहीं कर पाए, उसे आलोक ने अपनी भूख की शक्ति से कर दिखाया है—यानी सोए हुए सिस्टम को झकझोरना। डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है, फिर भी आलोक अपनी जिद पर अडिग हैं। अब भागलपुर की जनता की निगाहें प्रशासनिक गलियारे पर टिकी हैं कि क्या सत्ता के शिखर पर बैठे अधिकारी इस ‘सत्याग्रही’ की आवाज सुनेंगे या शहर फिर से उसी गंदगी के साये में जीने को अभिशप्त रहेगा। बाइट — आलोक यादव, अनशनकारी बाइट — आशीष मंडल, सामाजिक कार्यकर्ता,

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*भागलपुर में जन शिक्षा नीति 2026 पर मंथन, AISEC ने NEP 2020 को बताया शिक्षा-विरोधी* संवाददाता शुभम कुमार भागलपुर/ बिहार भागलपुर के गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र में रविवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विकल्प के रूप में प्रस्तावित जन शिक्षा नीति 2026 को लेकर एक महत्वपूर्ण कन्वेंशन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा के वर्तमान परिदृश्य, एनईपी 2020 और जन शिक्षा नीति 2026 के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान शिक्षकों, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की जरूरत पर जोर दिया। कार्यक्रम में ऑल इंडिया सेव एजुकेशन कमिटी यानी AISEC के जिला संयोजक रवि कुमार सिंह ने कहा कि संगठन शुरू से ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का विरोध करता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नीति जन-विरोधी और शिक्षा-विरोधी है, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि एनईपी 2020 के खिलाफ देशभर में विचार-गोष्ठियां, सेमिनार, हस्ताक्षर अभियान और संसद मार्च जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। साथ ही जन शिक्षा नीति 2026 को देश के छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के हित में बेहतर विकल्प बताया गया। कन्वेंशन में मौजूद वक्ताओं ने शिक्षा को निजीकरण से बचाने और सभी वर्गों के लिए समान एवं सुलभ शिक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की। कार्यक्रम के अंत में जन शिक्षा नीति 2026 को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प भी लिया गया। बाइट – रवि कुमार सिंह, जिला संयोजक, AISEC

डेस्क/बिहार लोकेशन- भागलपुर, रिपोर्टर/अमित कुमार *स्लग- नगर सभापति राज कुमार गुड्डू का पार्थीक शरीर सुल्तानगंज आवास पर पहुंचा* *11 दिन पूर्व गोली कांड में नगर सभापति राज कुमार गुड्डू घायल होने पर ईलाज के दौरान हुआ निधन* एंकर-भागलपुर के सुल्तानगंज में 11 दिन पुर्व गोली कांड में नगर सभापति राज कुमार गुड्डू घायल हुए थें। पटना के मेदांता हॉस्पिटल में 11दिनों से इलाज चल रहा था,इलाज के दौरान सभापति राज कुमार गुड्डू का निधन हो गया । नगर सभापति राज कुमार गुड्डू का पार्थीक शरीर शाम को इनके आवास पर पहुंचा।मौके पर जिला पदाधिकारी नवल किशोर चौधरी, सीनीयर एसपी प्रमोद कुमार यादव, एसडीओ विकास कुमार, विडिओ संजीव कुमार प्रशिक्षु एसएसपी सायम रजा, इंस्पेक्टर मृत्युंजय कुमार दल- बल के साथ मौके पर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी । मौके पर वार्ड पार्षद, जनप्रतिनिधि, सभी दल के नेताओं ने भी इनके आवास पर पहुंचकर नगर सभापति राज कुमार गुड्डू के पार्थीक शरीर पर सच्ची श्रद्धांजलि देते हुए इनके आत्मा की शांति के लिए भागवान से प्रार्थना कियें। इस मौके पर वार्ड पार्षद एवं सर्मथको ने बताया कि रविवार को नगर सभापति राज कुमार गुड्डू का पार्थीक शरीर इनके आवास से उठाते हुए नमामि गंगा घाट के मुक्तिधाम में दाह संस्कार किया।

अभयपुर रेलवे स्टेशन पर विशेष स्वच्छता एवं जन-जागरूकता अभियान आयोजित

नेहरू मेमोरियल तालाब के निर्माण हेतु NOC की बाधाएं दूर। एक के बदले लगेंगे चार पौधे, महापौर महोदया ने सुंदरवन का भी किया भ्रमण। रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/बिहार। भागलपुर: सैंडिस कंपाउंड स्थित नेहरू मेमोरियल तालाब के निर्माण कार्य में आ रही तकनीकी बाधाओं को दूर करने हेतु आज महापौर ने जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO) से उनके कार्यालय वेश्म में विशेष मुलाकात की। बैठक में तालाब निर्माण हेतु वन विभाग के स्तर से लंबित अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। समीक्षा के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि उक्त स्थल पर मौजूद कुछ पेड़ों और झाड़ियों की कटाई के कारण NOC निर्गत होने में विलंब हो रहा था। पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच समन्वय स्थापित करते हुए महापौर ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा। महत्वपूर्ण निर्णय: बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि निर्माण स्थल पर यदि किसी अपरिहार्य स्थिति में पेड़ या झाड़ियों को काटा जाता है, तो नगर निगम और वन प्रमंडल आपस में समन्वय स्थापित कर उसकी क्षतिपूर्ति हेतु उससे चार गुना (4X) अधिक पौधों का रोपण करेगा। इस सकारात्मक प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी ने जल्द ही NOC निर्गत करने का आश्वासन दिया, जिससे निर्माण कार्य तुरंत प्रारंभ हो सकेगा। इसके पश्चात, महापौर ने सुंदरवन स्थित वन विभाग के विभिन्न केंद्रों का अवलोकन किया। उन्होंने वहां संचालित गरुड़ संरक्षण पार्क सह अस्पताल और कछुआ संरक्षण पार्क का भ्रमण कर वन विभाग द्वारा किए जा रहे संरक्षण कार्यों की सराहना की। उन्होंने अन्य संरक्षित इकाइयों का भी निरीक्षण किया और जीव-जंतुओं के संरक्षण हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। महापौर ने कहा कि नगर निगम विकास के साथ-साथ पर्यावरण की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। नेहरू मेमोरियल तालाब का सौंदर्यीकरण न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाएगा बल्कि जल संचयन में भी सहायक होगा।

*कहलगांव मे गौशाला निर्माण के लिए आज रखी जाएगी आधारशिला* रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/ बिहार। भागलपुर जिला अंतर्गत कहलगांव मे सात हजार छह सौ इक्कीस वर्ग फीट भूमि में कन्हैया गौशाला निर्माण की नींव दस मई को डाली जाएगी। इस गौशाला के संस्थापक कन्हैया खंडेलवाल गोशाला निर्माण के लिए भूमि पूजन करेंगे। गोशाला के सदस्य सचिन मिश्रा ने बताया कि गौशाला का निर्माण जन सहयोग से होगा। जिसमें 200 गायों व गौवंशो को रखने की क्षमता होगी। गौशाला के सदस्य सुशांत पांडे ने बताया कि इस गौशाला के निर्माण के लिए गौसेवक कन्हैया खंडेलवाल ने 7621 वर्ग फीट भूमि का दान किया है गौशाला निर्माण होने के बाद इस गौशाला में बीमार एक्सीडेंटल गंभीर रोगों से पीड़ित अपाहिज आदि गोवंशों का इलाज सेवा व संरक्षण पोषण भी किया जाएगा I कन्हैया खंडेलवाल ने बताया कि कहलगांव मे लगातार सामने आ रहे गौवंशो की पीड़ा और विभिन्न समस्याओं को देखते हुए कहलगांव के गौप्रेमी जगदीश महाराज चंद्रहास सिंह मनोज यादव अरविन्द चौबे सोनू सिंह सोनी यादव भरत कुमार रूंगटा विपिन शाह शिवलाल सिंह जयप्रकाश जोशी दीपक शाह छोटू जायसवाल सिंधु सागर चौधरी जनता खेतान मिथुन कुमार पवन शर्मा सहित कहलगांव के सैकड़ो गौ प्रेमियों ने कहलगांव मे गौशाला निर्माण की आवश्यकता बताई थी, जिस कारण आज गौशाला निर्माण कार्य हेतू भूमिपूजन किया जाएगा, खंडेलवाल ने बताया कि गौशाला को इस प्रकार से निर्माण किया जाएगा कि यहां रहने वाली हर प्रकार की गोवंश को मुलभुत सुविधा मिल सके।

भागलपुर जिला जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता राजवर्धन आजाद जी , माननीय सदस्य ,बिहार विधान परिषद का दिनांक 10 मई 2026 को भागलपुर आगमन प्रस्तावित है। रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/ बिहार। अपने प्रवास के दौरान वे पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर संगठनात्मक विषयों पर चर्चा करेंगे तथा आगामी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर विचार-विमर्श भी करेंगे। उपरोक्त आशय की जानकारी देते हुए जदयू जिला प्रवक्ता शैलेन्द्र तोमर ने बताया कि राजवर्धन आजाद सक्रिय राजनेता के साथ-साथ देश के प्रतिष्ठित नेत्र रोग विशेषज्ञ भी हैं। वे भारतीय नेत्र रोग विशेषज्ञ, विट्रियोरेटिनल सर्जन तथा शिक्षाविद के रूप में लंबे समय तक चिकित्सा एवं शिक्षा जगत में योगदान दे चुके हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं में उनके आगमन को लेकर उत्साह देखा जा रहा है तथा बड़ी संख्या में नेताओं एवं समर्थकों के उनसे मिलने की संभावना है।

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डेस्क/बिहार लोकेशन- भागलपुर, रिपोर्टर/अमित कुमार *स्लग- नगर सभापति राज कुमार गुड्डू का पार्थीक शरीर सुल्तानगंज आवास पर पहुंचा* *11 दिन पूर्व गोली कांड में नगर सभापति राज कुमार गुड्डू घायल होने पर ईलाज के दौरान हुआ निधन* एंकर-भागलपुर के सुल्तानगंज में 11 दिन पुर्व गोली कांड में नगर सभापति राज कुमार गुड्डू घायल हुए थें। पटना के मेदांता हॉस्पिटल में 11दिनों से इलाज चल रहा था,इलाज के दौरान सभापति राज कुमार गुड्डू का निधन हो गया । नगर सभापति राज कुमार गुड्डू का पार्थीक शरीर शाम को इनके आवास पर पहुंचा।मौके पर जिला पदाधिकारी नवल किशोर चौधरी, सीनीयर एसपी प्रमोद कुमार यादव, एसडीओ विकास कुमार, विडिओ संजीव कुमार प्रशिक्षु एसएसपी सायम रजा, इंस्पेक्टर मृत्युंजय कुमार दल- बल के साथ मौके पर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी । मौके पर वार्ड पार्षद, जनप्रतिनिधि, सभी दल के नेताओं ने भी इनके आवास पर पहुंचकर नगर सभापति राज कुमार गुड्डू के पार्थीक शरीर पर सच्ची श्रद्धांजलि देते हुए इनके आत्मा की शांति के लिए भागवान से प्रार्थना कियें। इस मौके पर वार्ड पार्षद एवं सर्मथको ने बताया कि रविवार को नगर सभापति राज कुमार गुड्डू का पार्थीक शरीर इनके आवास से उठाते हुए नमामि गंगा घाट के मुक्तिधाम में दाह संस्कार किया।

अभयपुर रेलवे स्टेशन पर विशेष स्वच्छता एवं जन-जागरूकता अभियान आयोजित

अभयपुर रेलवे स्टेशन पर विशेष स्वच्छता एवं जन-जागरूकता अभियान आयोजित रिपोर्ट - अमित कुमार भागलपुर/बिहार।…

नेहरू मेमोरियल तालाब के निर्माण हेतु NOC की बाधाएं दूर। एक के बदले लगेंगे चार पौधे, महापौर महोदया ने सुंदरवन का भी किया भ्रमण। रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/बिहार। भागलपुर: सैंडिस कंपाउंड स्थित नेहरू मेमोरियल तालाब के निर्माण कार्य में आ रही तकनीकी बाधाओं को दूर करने हेतु आज महापौर ने जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO) से उनके कार्यालय वेश्म में विशेष मुलाकात की। बैठक में तालाब निर्माण हेतु वन विभाग के स्तर से लंबित अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। समीक्षा के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि उक्त स्थल पर मौजूद कुछ पेड़ों और झाड़ियों की कटाई के कारण NOC निर्गत होने में विलंब हो रहा था। पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच समन्वय स्थापित करते हुए महापौर ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा। महत्वपूर्ण निर्णय: बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि निर्माण स्थल पर यदि किसी अपरिहार्य स्थिति में पेड़ या झाड़ियों को काटा जाता है, तो नगर निगम और वन प्रमंडल आपस में समन्वय स्थापित कर उसकी क्षतिपूर्ति हेतु उससे चार गुना (4X) अधिक पौधों का रोपण करेगा। इस सकारात्मक प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी ने जल्द ही NOC निर्गत करने का आश्वासन दिया, जिससे निर्माण कार्य तुरंत प्रारंभ हो सकेगा। इसके पश्चात, महापौर ने सुंदरवन स्थित वन विभाग के विभिन्न केंद्रों का अवलोकन किया। उन्होंने वहां संचालित गरुड़ संरक्षण पार्क सह अस्पताल और कछुआ संरक्षण पार्क का भ्रमण कर वन विभाग द्वारा किए जा रहे संरक्षण कार्यों की सराहना की। उन्होंने अन्य संरक्षित इकाइयों का भी निरीक्षण किया और जीव-जंतुओं के संरक्षण हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। महापौर ने कहा कि नगर निगम विकास के साथ-साथ पर्यावरण की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। नेहरू मेमोरियल तालाब का सौंदर्यीकरण न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाएगा बल्कि जल संचयन में भी सहायक होगा।

*कहलगांव मे गौशाला निर्माण के लिए आज रखी जाएगी आधारशिला* रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/ बिहार। भागलपुर जिला अंतर्गत कहलगांव मे सात हजार छह सौ इक्कीस वर्ग फीट भूमि में कन्हैया गौशाला निर्माण की नींव दस मई को डाली जाएगी। इस गौशाला के संस्थापक कन्हैया खंडेलवाल गोशाला निर्माण के लिए भूमि पूजन करेंगे। गोशाला के सदस्य सचिन मिश्रा ने बताया कि गौशाला का निर्माण जन सहयोग से होगा। जिसमें 200 गायों व गौवंशो को रखने की क्षमता होगी। गौशाला के सदस्य सुशांत पांडे ने बताया कि इस गौशाला के निर्माण के लिए गौसेवक कन्हैया खंडेलवाल ने 7621 वर्ग फीट भूमि का दान किया है गौशाला निर्माण होने के बाद इस गौशाला में बीमार एक्सीडेंटल गंभीर रोगों से पीड़ित अपाहिज आदि गोवंशों का इलाज सेवा व संरक्षण पोषण भी किया जाएगा I कन्हैया खंडेलवाल ने बताया कि कहलगांव मे लगातार सामने आ रहे गौवंशो की पीड़ा और विभिन्न समस्याओं को देखते हुए कहलगांव के गौप्रेमी जगदीश महाराज चंद्रहास सिंह मनोज यादव अरविन्द चौबे सोनू सिंह सोनी यादव भरत कुमार रूंगटा विपिन शाह शिवलाल सिंह जयप्रकाश जोशी दीपक शाह छोटू जायसवाल सिंधु सागर चौधरी जनता खेतान मिथुन कुमार पवन शर्मा सहित कहलगांव के सैकड़ो गौ प्रेमियों ने कहलगांव मे गौशाला निर्माण की आवश्यकता बताई थी, जिस कारण आज गौशाला निर्माण कार्य हेतू भूमिपूजन किया जाएगा, खंडेलवाल ने बताया कि गौशाला को इस प्रकार से निर्माण किया जाएगा कि यहां रहने वाली हर प्रकार की गोवंश को मुलभुत सुविधा मिल सके।

भागलपुर जिला जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता राजवर्धन आजाद जी , माननीय सदस्य ,बिहार विधान परिषद का दिनांक 10 मई 2026 को भागलपुर आगमन प्रस्तावित है। रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/ बिहार। अपने प्रवास के दौरान वे पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर संगठनात्मक विषयों पर चर्चा करेंगे तथा आगामी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर विचार-विमर्श भी करेंगे। उपरोक्त आशय की जानकारी देते हुए जदयू जिला प्रवक्ता शैलेन्द्र तोमर ने बताया कि राजवर्धन आजाद सक्रिय राजनेता के साथ-साथ देश के प्रतिष्ठित नेत्र रोग विशेषज्ञ भी हैं। वे भारतीय नेत्र रोग विशेषज्ञ, विट्रियोरेटिनल सर्जन तथा शिक्षाविद के रूप में लंबे समय तक चिकित्सा एवं शिक्षा जगत में योगदान दे चुके हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं में उनके आगमन को लेकर उत्साह देखा जा रहा है तथा बड़ी संख्या में नेताओं एवं समर्थकों के उनसे मिलने की संभावना है।

लोक अदालत का मूल मंत्र ‘न कोई जीते-न कोई हारे’: कटिहार में सैकड़ों मामले निपटे, फरियादियों को मिला फास्ट रिलीफ संवाददाता मनोज कुमार कटिहार /बिहार कटिहार जिला न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का वृहद आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न प्रकृति के सैकड़ों लंबित मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर त्वरित निष्पादन किया गया। जिला पदाधिकारी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश और पुलिस अधीक्षक सहित तमाम न्यायिक व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने उद्घाटन किया राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पटना के निर्देश पर आयोजित इस लोक अदालत की शुरुआत सुबह 10 बजे हुई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दीप प्रज्वलित कर इसका उद्घाटन किया। इस अवसर पर डीएम, एसपी, एडीजे, सीजेएम, एसडीजेएम, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष-सचिव और बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित थे। मनरेगा मजदूरी और भू-विवाद मामलों की सुनवाई लोक अदालत के लिए कुल 12 बेंचों का गठन किया गया था। इन बेंचों में दीवानी, फौजदारी के शमनीय वाद, बैंक ऋण वसूली, मोटर दुर्घटना दावा, पारिवारिक विवाद, चेक बाउंस, बिजली-बिल, जल-कर, टेलीफोन बिल, मनरेगा मजदूरी और भू-विवाद से जुड़े प्री-लिटिगेशन मामलों की सुनवाई हुई। पक्षकारों को सुनवाई के लिए पहले ही नोटिस भेजकर बुलाया गया था। आपसी सहमति से खत्म होता हैं मामले जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अपने संबोधन में लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “लोक अदालत का मूल मंत्र है न कोई जीते, न कोई हारे। यहां दोनों पक्षों की जीत होती है क्योंकि मामला आपसी सहमति से खत्म होता है। इससे समय, पैसा और रिश्ते तीनों बचते हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि लोक अदालत में पारित अवार्ड को सिविल कोर्ट की डिक्री का दर्जा प्राप्त है और इसके खिलाफ कोई अपील नहीं होती। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि छोटे-छोटे विवादों को लेकर सालों तक कोर्ट-कचहरी का चक्कर लगाने से आम आदमी का समय और संसाधन बर्बाद होता है। लोक अदालत जैसे मंच से त्वरित न्याय मिलने पर लोगों का न्यायपालिका पर भरोसा बढ़ता है। उन्होंने राजस्व, बैंक और बिजली विभाग के अधिकारियों को अगली लोक अदालत के लिए सक्रियता से काम करने के निर्देश दिए। एसपी ने कहा- थानों में भी सुलह को दें बढ़ावा पुलिस अधीक्षक कटिहार शिखर चौधरी ने बताया कि कई आपराधिक मामले मामूली विवाद से शुरू होते हैं। अगर थाने स्तर पर ही काउंसलिंग कर सुलह करा दी जाए तो एफआईआर और कोर्ट तक मामला पहुंचेगा ही नहीं। उन्होंने सभी थानाध्यक्षों को लोक अदालत की भावना से काम करने को कहा। पक्षकारों के चेहरे पर दिखी राहत मनिहारी से आए 65 वर्षीय रामप्रवेश यादव का 8 साल पुराना जमीन विवाद आज खत्म हुआ। उन्होंने कहा, “बेटे की शादी के लिए पैसा चाहिए था, मगर जमीन पर केस चल रहा था। आज सामने वाले से समझौता हो गया। अब डर नहीं लगेगा।” वहीं एक महिला पक्षकार ने बताया कि दहेज उत्पीड़न के केस में पति से सुलह हो गई और अब दोनों साथ रहेंगे। कुल निष्पादन और वसूली जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ने बताया कि देर शाम तक चली लोक अदालत में कुल 1,872 मामले निष्पादित हुए। इनमें 4.36 करोड़ रुपये की सेटलमेंट राशि पर सहमति बनी। बैंक ऋण के 312 मामलों में 1.82 करोड़, बिजली बिल के 540 मामलों में 62 लाख और मोटर दुर्घटना के 28 मामलों में 95 लाख रुपये का समझौता हुआ। आगे भी जारी रहेगा अभियान बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने सभी अधिवक्ताओं से अपील की कि वे अपने मुवक्किलों को लोक अदालत का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करें। अगली राष्ट्रीय लोक अदालत 12 सितंबर 2026 को आयोजित होगी। कार्यक्रम के अंत में सभी न्यायिक पदाधिकारियों, बैंक अधिकारियों और पैरालीगल वालंटियर्स को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

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बरारी घाट पर जीविका दीदियों की अनूठी पहल: मात्र 50 रुपये में भरपेट भोजन और पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद

डेस्क/बिहार लोकेशन/भागलपुर रिपोर्टर/अमित कुमार बरारी घाट पर जीविका दीदियों की अनूठी पहल: मात्र 50 रुपये…

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कटिहार के तत्कालीन एसडीपीओ धर्मेंद्र कुमार निलंबित, पुलिस टीम को सहयोग नहीं करने का आरोप

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टेढ़ागाछ, बिहार: भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से…

कटिहार: बंद कमरे में पकड़े गए शिक्षक और दो बच्चों की मां, 15 घंटे बांधकर रखा

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*कचरे के ढेर पर ‘सत्याग्रह’ भागलपुर को बदहाली से* *उबारने के लिए आलोक यादव की 21 दिवसीय भूख हड़ताल सिल्क सिटी के नाम से मशहूर* संवाददाता शुभम कुमार भागलपुर/बिहार भागलपुर की पहचान इन दिनों सड़कों पर बिखरे कचरे और गंदगी के अंबारों से होने लगी है, लेकिन प्रशासन की इसी बेरुखी के खिलाफ अब एक युवा ने गांधीवादी संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है। सामाजिक कार्यकर्ता आलोक यादव शहर को कचरा मुक्त बनाने और नगर निगम की सुस्त कार्यप्रणाली को पटरी पर लाने के लिए 21 दिनों की भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उनकी यह तपस्या अब धीरे-धीरे एक जन-आंदोलन का रूप ले रही है, जिसने नगर निगम से लेकर जिला प्रशासन तक की नींद उड़ा दी है धरना स्थल पर डटे आलोक यादव का कहना है कि शहर की सफाई व्यवस्था केवल कागजों और टेंडरों तक सीमित होकर रह गई है, जबकि धरातल पर आम जनता बदबू और बीमारियों के बीच जीने को मजबूर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक डंपिंग यार्ड का वैज्ञानिक निस्तारण और हर वार्ड में कचरा प्रबंधन की ठोस व्यवस्था लागू नहीं होती, तब तक उनका यह अन्न त्याग जारी रहेगा। जैसे-जैसे अनशन के दिन बढ़ रहे हैं, आलोक की शारीरिक स्थिति तो कमजोर हो रही है, लेकिन उनकी आंखों में अपने शहर को सुंदर बनाने की चमक और भी बढ़ती जा रही है इस आंदोलन की गूंज अब गली-मोहल्लों तक पहुंच चुकी है और भारी संख्या में शहरवासी उनके समर्थन में धरना स्थल पर पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि जो काम वर्षों से नगर निगम के करोड़ों के बजट नहीं कर पाए, उसे आलोक ने अपनी भूख की शक्ति से कर दिखाया है—यानी सोए हुए सिस्टम को झकझोरना। डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है, फिर भी आलोक अपनी जिद पर अडिग हैं। अब भागलपुर की जनता की निगाहें प्रशासनिक गलियारे पर टिकी हैं कि क्या सत्ता के शिखर पर बैठे अधिकारी इस ‘सत्याग्रही’ की आवाज सुनेंगे या शहर फिर से उसी गंदगी के साये में जीने को अभिशप्त रहेगा। बाइट — आलोक यादव, अनशनकारी बाइट — आशीष मंडल, सामाजिक कार्यकर्ता,

*विक्रमशिला पुल के क्षतिग्रस्त पहुंच पथ पर बच्चों का खेल, प्रशासन के लिए बढ़ी चुनौती* संवाददाता शुभम कुमार भागलपुर/बिहार भागलपुर शहर में विक्रमशिला पुल का क्षतिग्रस्त पहुंच पथ इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। कभी भारी वाहनों की तेज रफ्तार और लगातार आवाजाही के लिए पहचानी जाने वाली यह सड़क अब बच्चों के खेल मैदान में तब्दील होती नजर आ रही है। पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण जहां एक ओर यातायात पूरी तरह प्रभावित है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय बच्चे इस सुनसान पड़े रास्ते को अपने खेल और मनोरंजन का केंद्र बना चुके हैं। शाम होते ही यहां का दृश्य बिल्कुल अलग दिखाई देता है। सड़क पर बच्चे क्रिकेट खेलते नजर आते हैं, तो कुछ बच्चे साइकिल चलाना सीख रहे हैं। कई लोग यहां शाम की सैर करने भी पहुंच रहे हैं। दुर्घटना के खतरे से मुक्त इस खाली पड़े रास्ते पर लोगों को कुछ समय के लिए राहत और खुलापन महसूस हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले इस सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण बच्चों को बाहर निकलने में भी डर लगता था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है।हालांकि, इस बदले हुए दृश्य के पीछे एक गंभीर समस्या भी छिपी हुई है। पुल का क्षतिग्रस्त पहुंच पथ प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। यातायात बाधित होने से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। व्यापार, आवागमन और दैनिक जीवन पर इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को जल्द से जल्द पुल मरम्मत का कार्य शुरू कर स्थिति सामान्य करनी चाहिए।फिर भी इस सुनसान सड़क पर खेलते बच्चों की मुस्कान एक अलग संदेश देती है। यह दृश्य बताता है कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, जीवन अपने लिए रास्ता खोज ही लेता है। विकास के पहिए भले थम गए हों, लेकिन बच्चों की खुशियां अब भी उसी सड़क पर दौड़ रही हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग करते हुए सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है बाइट TO बाइट — बच्चे

*भागलपुर में जन शिक्षा नीति 2026 पर मंथन, AISEC ने NEP 2020 को बताया शिक्षा-विरोधी* संवाददाता शुभम कुमार भागलपुर/ बिहार भागलपुर के गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र में रविवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विकल्प के रूप में प्रस्तावित जन शिक्षा नीति 2026 को लेकर एक महत्वपूर्ण कन्वेंशन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा के वर्तमान परिदृश्य, एनईपी 2020 और जन शिक्षा नीति 2026 के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान शिक्षकों, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की जरूरत पर जोर दिया। कार्यक्रम में ऑल इंडिया सेव एजुकेशन कमिटी यानी AISEC के जिला संयोजक रवि कुमार सिंह ने कहा कि संगठन शुरू से ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का विरोध करता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नीति जन-विरोधी और शिक्षा-विरोधी है, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि एनईपी 2020 के खिलाफ देशभर में विचार-गोष्ठियां, सेमिनार, हस्ताक्षर अभियान और संसद मार्च जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। साथ ही जन शिक्षा नीति 2026 को देश के छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के हित में बेहतर विकल्प बताया गया। कन्वेंशन में मौजूद वक्ताओं ने शिक्षा को निजीकरण से बचाने और सभी वर्गों के लिए समान एवं सुलभ शिक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की। कार्यक्रम के अंत में जन शिक्षा नीति 2026 को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प भी लिया गया। बाइट – रवि कुमार सिंह, जिला संयोजक, AISEC

डेस्क/बिहार लोकेशन- भागलपुर, रिपोर्टर/अमित कुमार *स्लग- नगर सभापति राज कुमार गुड्डू का पार्थीक शरीर सुल्तानगंज आवास पर पहुंचा* *11 दिन पूर्व गोली कांड में नगर सभापति राज कुमार गुड्डू घायल होने पर ईलाज के दौरान हुआ निधन* एंकर-भागलपुर के सुल्तानगंज में 11 दिन पुर्व गोली कांड में नगर सभापति राज कुमार गुड्डू घायल हुए थें। पटना के मेदांता हॉस्पिटल में 11दिनों से इलाज चल रहा था,इलाज के दौरान सभापति राज कुमार गुड्डू का निधन हो गया । नगर सभापति राज कुमार गुड्डू का पार्थीक शरीर शाम को इनके आवास पर पहुंचा।मौके पर जिला पदाधिकारी नवल किशोर चौधरी, सीनीयर एसपी प्रमोद कुमार यादव, एसडीओ विकास कुमार, विडिओ संजीव कुमार प्रशिक्षु एसएसपी सायम रजा, इंस्पेक्टर मृत्युंजय कुमार दल- बल के साथ मौके पर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी । मौके पर वार्ड पार्षद, जनप्रतिनिधि, सभी दल के नेताओं ने भी इनके आवास पर पहुंचकर नगर सभापति राज कुमार गुड्डू के पार्थीक शरीर पर सच्ची श्रद्धांजलि देते हुए इनके आत्मा की शांति के लिए भागवान से प्रार्थना कियें। इस मौके पर वार्ड पार्षद एवं सर्मथको ने बताया कि रविवार को नगर सभापति राज कुमार गुड्डू का पार्थीक शरीर इनके आवास से उठाते हुए नमामि गंगा घाट के मुक्तिधाम में दाह संस्कार किया।

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