किशनगंज। शुक्रवार की सुबह किशनगंज शहर में केंद्रीय जांच एजेंसी ने उद्योगपति दफ्तरी ग्रुप के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर दी। यह कार्रवाई नेमचंद रोड, भगत टोली, धर्मशाला रोड और पश्चिमपाली जैसे प्रमुख कारोबारी व रिहायशी इलाकों में की जा रही है। अचानक हुई इस कार्रवाई से शहर में हड़कंप मच गया।
सूत्रों के अनुसार, छापेमारी आर्थिक अनियमितताओं और कथित काले धन से जुड़े मामलों की जांच के तहत की जा रही है। एजेंसी को ऐसे दस्तावेज और सबूतों की तलाश है, जो अवैध वित्तीय लेनदेन से जुड़े हो सकते हैं।
छापेमारी सुबह तड़के शुरू हुई, जब केंद्रीय एजेंसी की टीमें भारी पुलिस बल के साथ उद्योगपति के आवास और कार्यालयों पर पहुंचीं। सुरक्षा की दृष्टि से स्थानीय पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भी तैनाती की गई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच एजेंसी कर रही है। हालांकि, अब तक इस मामले में केंद्रीय एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोग इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी पहल मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक कार्रवाई के रूप में देख रहे हैं।
अधिकारियों का मानना है कि यह छापेमारी देर रात तक जारी रह सकती है। वहीं, प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।
मुख्य बिंदु:
- केंद्रीय जांच एजेंसी ने दफ्तरी ग्रुप के ठिकानों पर छापेमारी की।
- कार्रवाई आर्थिक अनियमितताओं और काले धन से जुड़े मामलों की जांच से जुड़ी।
- छापेमारी के दौरान भारी पुलिस बल की तैनाती की गई।
- कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए।
