रिपोर्ट – अमित कुमार, भागलपुर
भागलपुर। गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक गोपाल मंडल उर्फ़ नरेंद्र कुमार नीरज एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर सियासी सुर्खियों में हैं। चुनावी माहौल के बीच गोपालपुर पहुंचे विधायक ने जहां बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने का भरोसा दिलाया, वहीं विपक्षी नेताओं पर तीखे शब्दों में हमला बोला।
सभा में मौजूद ग्रामीणों को संबोधित करते हुए गोपाल मंडल ने कहा, “जो भी लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, उन्हें जल्द से जल्द राहत और सहायता राशि दी जाएगी। मैं जनता के साथ हूं और हर मुश्किल घड़ी में आपके बीच खड़ा रहूंगा।”
हालांकि, इसके बाद उनके भाषण ने विवाद का रूप ले लिया। विधायक ने अपने प्रतिद्वंद्वी बूलो मंडल का नाम लेते हुए कहा कि चुनाव आते ही वे गोपालपुर में वोट मांगने आते हैं, जबकि उन्हें बिहपुर में रहना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर बूलो मंडल वोट मांगने आएं तो उन्हें “मारकर भगा दिया जाए।”
इसी दौरान उन्होंने अजय मंडल के प्रतिनिधि अर्पण पर भी सीधा हमला बोलते हुए कहा कि ये नेता केवल चुनाव के समय जनता के पास आते हैं, जबकि असली संघर्ष वे खुद लड़ते हैं।
गोपाल मंडल ने अपने भाषण में विवादित शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा, “अगर कोई भी वोट मांगने आए, चाहे वह नेता हो या कोई लड़की, उसे चप्पल और झाड़ू से मारकर भगा देना चाहिए। ये लोग केवल चुनाव के वक्त आते हैं और जनता को गुमराह करते हैं।”
खुद को गरीबों का नेता बताते हुए विधायक ने कहा, “मुझे अमीर लोग वोट नहीं करते, गरीब ही मुझे चुनते हैं। किसानों और गरीबों के लिए मैं हर लड़ाई लड़ने को तैयार हूं। अगर जरूरत पड़ी तो राइफल, गोली और बंदूक लेकर भी आपके हक की लड़ाई में कूद पड़ूंगा।”
उन्होंने कहा कि वह सामंतवाद और गुंडागर्दी के खिलाफ हमेशा से खड़े रहे हैं और आगे भी खड़े रहेंगे। उनका दावा था कि उनकी राजनीति केवल जनता की ताकत से टिकी है, जबकि उनके विरोधी धन और बाहुबल के दम पर चुनाव लड़ते हैं।
गोपाल मंडल के इस बयान से इलाके की सियासत गरमा गई है। जहां समर्थक उन्हें “गरीबों का असली नेता” बता रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे “उकसाने वाला और गैर-जिम्मेदाराना बयान” करार दे रहा है।
