रिपोर्ट – अमित कुमार,/बिहार
सारण जिले के छपरा से एक हृदयविदारक मामला सामने आया है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। यहां एक गिरोह द्वारा नवजात शिशुओं की अवैध खरीद-फरोख्त का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है और पांच लाख रुपये में बेचे गए नवजात को सकुशल बरामद कर लिया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपितों की पहचान हरि किशोर प्रसाद (निवासी भटवलिया, थाना जनता बाजार, सारण), सोनू गिरी (निवासी रसूलपुर, थाना दुरौंधा, सीवान) और नीरज पासवान (निवासी उखई, थाना मुफ्फसिल, सीवान) के रूप में हुई है।
सारण के एसएसपी डॉ. कुमार आशीष ने बताया कि 26 सितंबर 2025 को एक महिला ने जनता बाजार थाना में आवेदन देकर गंभीर आरोप लगाया था कि हरि किशोर प्रसाद और उसके भाई उपेंद्र सिंह ने मिलकर “मां दुर्गा नर्सिंग होम” नामक एक फर्जी क्लिनिक में उसका प्रसव कराया। प्रसव के बाद अस्पताल बिल के नाम पर दबाव डालते हुए नवजात को जबरन छीन लिया गया और उसे बेच दिया गया।
शिकायत के आधार पर थाना में कांड संख्या 228/25 दर्ज की गई और पुलिस ने विशेष टीम गठित कर कार्रवाई शुरू की। जांच के क्रम में पुलिस ने पहले हरि किशोर प्रसाद को गिरफ्तार किया, जिसने पूछताछ में खुलासा किया कि उसका भाई उपेंद्र सिंह और साथी सोनू गिरी ने नवजात को 5 लाख रुपये में बेच दिया है।
इसके बाद पुलिस ने मिशन मुक्ति फाउंडेशन, रेस्क्यू फाउंडेशन दिल्ली और वडोदरा पुलिस (गुजरात) की मदद से सोनू गिरी को वडोदरा से गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर नवजात को सीवान जिले के उखई गांव (थाना मुफ्फसिल) स्थित नीरज पासवान के घर से सकुशल बरामद कर लिया गया।
एसएसपी ने कहा कि इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है। साथ ही “मां दुर्गा नर्सिंग होम” की जांच कर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की ज
