रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर।
भागलपुर जिले के नाथनगर प्रखंड अंतर्गत पुजासमिति अध्यक्ष पप्पू यादव ने बताया कि मेरे जान पर खतरा है ऐसा इसलिए क्योंकि मेरी जमीन की बगैर बटवारा हुए ही अंचलाधिकारी ने मेरे गोत्या के नाम से जमाबंदी चढ़ा कर खाता 201 खेसरा 40,41,42,47,48,51 पर मूल जमाबंदी 201 है,20/06/2025 माननीय न्याधिकरण बिहार पटना के पारित आदेश आया है कि उपर्युक्त जमीन एक पैतृक संपति सभी परिवार की है हिस्सेदारी के लिए यह भूमि विवादित है जिसमें की व्यवहार न्यायालय में दोनों परिवार को (बटवारा) विभाजन वाद दायर करने का आदेश दिया है ,परंतु दूसरे पक्ष से 25 लाख रुपए अंचलाधिकारी ने लेकर मूल जमाबंदी 201 को पुनर्जीवित कर रशीद काट दिया जमाबंदी संख्या 740,741,742,743 को जबकि न्यायालय अपर समाहर्ता भागलपुर वाद संख्या 161/2019-2020 दिनांक 11/12/2020 आदेश द्वारा निरस्त किया जा चुका है , आदेश को अनदेखा करते हुए जमाबंदी को पुनर्जीवित कर रशीद काटा गया है म्यूटेशन वाद संख्या 4427/2023 – 2024 को बिना किसी न्यायालय के आदेश के बिना ही अंचलाधिकारी द्वारा इसे निरस्त कर दिया गया इसकी शिकायत मैंने अपर समाहर्ता को पत्रांक संख्या 4712,4793 इन्होंने यह भी कहा कि मैं सभी पदाधिकारी के कार्यालय में जाकर आवेदन दिया – जिला पदाधिकारी, ए डी एम साहेब, आयुक्त महोदय, बिहार गृह सचिव सभी भूमि संबंधित आवेदन दिया हूं,जबकि अंचलाधिकारी ने मेरी एक ना सुनी और मेरे परिवार को लड़वाना चाह रहा यहां तक कि ऐसे अंचलाधिकारी रजनीश कुमार नाथनगर प्रखंड में रुपया वसूलने के लिए पद पर बने हैं मेरा जमीन किसी और को दूसरे का जमीन किसी और को, तो और जब मुझ जैसे समाज सेवी को नहीं छोड़ा तो बेचारे आम जनता नाथनगर अंचलाधिकारी से परेशान हो कर अपनी जमीन जगह को छोड़ जाते क्योंकि जमीन के कारण बिहार में खून होता है इसका सबसे बड़ा संलिप्तता अंचल का है। पत्रकारों ने जब अंचलाधिकारी से फोन पर बात की तो उन्होंने गोल मटोल में जवाब देते हुए एडीएम साहेब के ऊपर छोड़ दिया वहीं एडीएम साहेब से फोन पर बात हुई तो उन्होंने अपने पत्रांक संख्या 4712 के आदेशानुसार कहा कि जांच की आदेश दे दी गई है जो दोषी होंगे उनपर कार्रवाई होगी ऐसा कहते हुए फोन रख दिया।पप्पू यादव ने गुहार लगाते हुए सुरक्षा का मांग किया ,अब आगे किया होगा ये अगले रिपोर्ट में बताएंगे
