संवाददाता शुभम कुमार, भागलपुर।
लोक आस्था का सबसे बड़ा पर्व छठ अब कुछ ही दिनों की दूरी पर है। पूरे बिहार में इसकी तैयारी जोरों पर है, लेकिन भागलपुर नगर निगम की सुस्ती ने श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ा दी है। शहर के प्रमुख छठ घाटों पर सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। गंगा घाट, बारीपथ, बरारी, जयप्रकाश नगर, अदमपुर, तिलकामांझी सहित कई इलाकों में बने घाटों पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। प्लास्टिक, कचरा और गाद जमा होने से श्रद्धालु नाराज हैं।
हर वर्ष की तरह इस बार भी नगर निगम की ओर से सफाई कार्य में लापरवाही देखने को मिल रही है। श्रद्धालुओं का कहना है कि अब तक घाटों की सफाई, रास्तों की मरम्मत और प्रकाश व्यवस्था की कोई ठोस पहल नहीं हुई है। कई घाटों की सीढ़ियाँ टूटी हुई हैं और पानी भराव की समस्या भी बनी हुई है। वहीं, कुछ जगहों पर तो गंगा का जलस्तर घट जाने के कारण छठ व्रतियों को जल में उतरने में परेशानी हो रही है।
शहरवासियों ने बताया कि पिछले वर्षों में भी नगर निगम ने अंतिम समय में सफाई कार्य शुरू किया था, जिससे कई स्थानों पर अव्यवस्था फैल गई थी। लोगों को कीचड़ और गंदे पानी में पूजा करनी पड़ी थी। इस बार भी वही हालात बनते दिखाई दे रहे हैं। व्रतियों का कहना है कि छठ घाटों की सफाई और सजावट समय पर नहीं की गई तो श्रद्धालुओं को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
स्थानीय सामाजिक संगठनों और मोहल्ला समितियों ने नगर निगम प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द घाटों की सफाई, लाइट की व्यवस्था, और सुरक्षा के उचित इंतजाम किए जाएं। साथ ही, महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की मांग की गई है।
इस बीच, नगर निगम के कुछ अधिकारियों का कहना है कि सफाई अभियान की रूपरेखा तैयार की जा चुकी है और अगले कुछ दिनों में काम शुरू हो जाएगा। हालांकि, जमीनी स्तर पर अब तक कोई खास प्रगति नजर नहीं आ रही है।
श्रद्धालुओं ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी, तो वे विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि छठ सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि लोक आस्था और अनुशासन का प्रतीक है, ऐसे में प्रशासन को इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
लोगों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन समय रहते आवश्यक कदम उठाएगा ताकि सूर्य उपासना के इस पावन पर्व को श्रद्धा, स्वच्छता और शांति के साथ मनाया जा सके।
