पटना:
बिहार की राजनीति में उथल-पुथल के बीच मुख्यमंत्री पद के लिए होने वाले नीतीश कुमार के संभावित शपथग्रहण से पहले जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि नई सरकार में भ्रष्टाचार के आरोपों वाले नेताओं को फिर से मंत्री बनाया गया, तो वे इस मामले को अदालत तक ले जाएंगे।
पीके ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बिहार की जनता लगातार उन चेहरों की वजह से परेशान है, जिन पर गंभीर आरोप होने के बावजूद वे मंत्रिमंडल में शामिल होते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इससे शासन की पारदर्शिता और लोकतंत्र में जनता का भरोसा कमजोर होता है।
किशोर ने कहा, “हम राजनीति को साफ-सुथरा बनाना चाहते हैं। यदि ऐसे किसी व्यक्ति को मंत्री बनाया गया, जिस पर भ्रष्टाचार या आपराधिक मामलों के गंभीर आरोप लंबित हैं, तो हम न्यायालय का दरवाजा खटखटाने में बिल्कुल देर नहीं करेंगे।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सत्ता परिवर्तन के दौरान अक्सर सिद्धांत पीछे छूट जाते हैं और राजनीतिक समीकरण मंत्री चुनने का आधार बन जाते हैं, लेकिन इस बार वे चुप नहीं बैठेंगे।
नीतीश कुमार के शपथग्रहण को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है, वहीं प्रशांत किशोर के इस बयान ने सियासी तापमान और बढ़ा दिया है। अब सबकी निगाहें नीतीश कुमार की नई कैबिनेट पर टिकी हैं कि किन चेहरों को जगह मिलती है और विपक्ष तथा जनसुराज की प्रतिक्रिया क्या होती है।
