ठाकुरगंज, किशनगंज:
राजद द्वारा ठाकुरगंज विधानसभा सीट के लिए किए गए टिकट चयन पर अब पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनता की नाराज़गी खुलकर सामने आने लगी है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि इस सीट से मुस्ताक आलम को टिकट दिया गया होता, तो तेजस्वी यादव की झोली में यह सीट आसानी से चली जाती और आज ठाकुरगंज का विधायक मुस्ताक आलम ही होते।
स्थानीय कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि टिकट चयन के दौरान जमीनी हकीकत को दरकिनार कर दिया गया और कई नेताओं की राय को नजरअंदाज किया गया। उनका कहना है कि पार्टी नेतृत्व ने जमीन पर जनता की नब्ज़ को समझे बिना टिकट उस उम्मीदवार को दे दिया, जिसके प्रति क्षेत्र में व्यापक विरोध था।
लोगों के अनुसार, पूर्व विधायक पर जनता का इतना भारी आक्रोश था कि गांव-समाज में इसका असर साफ दिखाई देता था। नतीजा यह हुआ कि चुनाव में उस उम्मीदवार को तीसरे स्थान पर खिसकना पड़ा और जनता ने अपने वोट के जरिए स्पष्ट जवाब दे दिया।
स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि जमीनी वास्तविकता को समझे बिना लिया गया फैसला पार्टी के लिए नुकसानदायक साबित हुआ। उनका दावा है कि यदि राजद ने समय रहते मुस्ताक आलम को टिकट दिया होता, तो आज ठाकुरगंज का राजनीतिक समीकरण पूरी तरह अलग होता।
पार्टी कार्यकर्ताओं ने नेतृत्व से अपील की है कि भविष्य में टिकट बांटने से पहले क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों, स्थानीय समीकरणों और जनता के मूड को गंभीरता से समझा जाए, ताकि इस तरह की गलतियां दोबारा न हों।
