संवाददाता शुभम कुमार भागलपुर।
भागलपुर जिले के नाथनगर प्रखंड के अजमेरीपुर बैरिया में गंगा का धारा मोड़ने को लेकर तीन दिन से गंगा में इन्लेंड वाटर सर्वे के तहत काम चल रहा था।जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया।ग्रामीणों का कहना है अगर गंगा का धारा को मोड़ दिया जाएगा तो गांव में कटाव का खतरा बढ़ जाएगा और साथ ही उपजाऊ जमीन भी नष्ट हो जाएगा।इसी के विरोध में शुक्रवार को ग्रामीणों ने अजमेरीपुर बैरिया स्कूल के पास हांथ में झाड़ू लेकर महिलाओं ने प्रदर्शन किया और रसीदपुर पुल पर आगजनी कर आवाजाही बाधित कर दिया। वही ग्रामीणों ने बताया की गंगा अभी पश्चिम से आकर बैरिया से सीधे उत्तर की दिशा में चल रही है।अब पूर्व दिशा में जमीन जो बचा है ग्रामीणों का बैरिया,अजमेरीपुर,रसीदपुर,दिलदारपुर,श्रीरामपुर,लालूचक, बिंद टोली, भीत रसीदपुर के ग्रामीणों का लगभग एक हजार एकड़ से अधिक उपजाऊ जमीन है। इसी जमीन के बीचबीच राज्य सरकार गंगा के मुख्य धार को निकाल रही है। जिससे ग्रामीणों के रोजी रोटी पर आफत आ जाएगी।क्योंकि इसी जमीन में उपजा कर वह लोग अपना भरण पोषण करते हैं।अगर धार इस तरफ मुड़ जाता है तो जमीन तो जाएगी ही साथ ही गांव का अस्तित्व भी खत्म हो जायेगा। क्योंकि गांव कटाव के जद में आ जाएगा।इसलिए ग्रामीण हर हाल में धार को इधर मोड़ना देना नहीं चाह रहे हैं।
