भागलपुर, बिहार
रिपोर्ट – अजीत कुमार तिवारी
भागलपुर में दो दिवसीय कृषि यांत्रिकीकरण मेला 2025 का शुभारंभ जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने संयुक्त निदेशक (शस्य), भागलपुर प्रमंडल की उपस्थिति में किया। मेले का उद्देश्य आधुनिक कृषि यंत्रों की उपलब्धता, अनुदान योजनाओं की जानकारी तथा किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना है।
जिलाधिकारी ने कहा कि कृषि क्षेत्र में तकनीकी विकास समय की आवश्यकता है और सरकार किसानों को आधुनिक उपकरण दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकनाइजेशन (SMAM) के तहत 91 कृषि यंत्रों पर 40% से 80% तक अनुदान का प्रावधान है। इसी क्रम में 21 नवंबर 2025 को ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से 1469 स्वीकृति पत्र किसानों को निर्गत किए गए।
भागलपुर जिले को इस वित्तीय वर्ष में 3665 कृषि यंत्रों पर अनुदान देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस वर्ष बिना अनुदान के कृषि यंत्र उपलब्ध कराने की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। अब किसान स्वीकृति पत्र के आधार पर पूरी कीमत जमा कर ऑनलाइन पंजीकृत आपूर्तिकर्ता से उपकरण खरीदेंगे, जिसके बाद सत्यापन उपरांत अनुदान राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से किसानों के खातों में हस्तांतरित की जाएगी। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया वर्तमान में जारी है।
थर्मल पावर में एग्रीकल्चर वेस्ट उपयोग की पहल
जिलाधिकारी ने बताया कि जिले के सभी थर्मल पावर को निर्देशित किया गया है कि वे कोयले की जगह 6–7% तक एग्रीकल्चर वेस्ट का उपयोग करें। किसान धान, गेहूं, मक्का सहित अन्य फसलों का अवशेष (एग्रीकल्चरल वेस्ट) एनटीपीसी को बेच सकेंगे, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय होगी। उन्होंने कहा कि यह कदम पराली जलाने जैसी समस्याओं को रोकने, खेत की उर्वरता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
कृषि यंत्रों की बिक्री पर पड़ा प्रभाव
8 दिसंबर 2025 को कृषकों द्वारा स्वीकृति पत्र के आधार पर पूरी कीमत जमा कर उपकरण खरीदने की नई व्यवस्था के कारण बिक्री पर कुछ प्रभाव पड़ा। इसके बावजूद किसानों ने निम्नलिखित कृषि यंत्रों की खरीदारी की—
- थ्रेसर – 11
- मैनुअल कीट – 75
- पेडी थ्रेसर – 1
- इलेक्ट्रिक पंप सेट – 5
- पावर स्प्रेयर – 18
- तेल मिल – 4
- पावर वीडर – 5
- चाराकल – 4
- आटा मील – 2
- ब्रश कटर – 1
- राइस मिल – 2
दो दिवसीय यह मेला किसानों में जागरूकता बढ़ाने और तकनीकी सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
