एम.आई.सी. हिंदी परीक्षा में गलत प्रश्न पत्र, छात्र राजद ने उठाई आवाज़, कॉलेज अध्यक्ष देव सूरज ने आंदोलन की चेतावनी दी

संवाददाता शुभम कुमार भागलपुर

तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय अंतर्गत आयोजित एम.आई.सी. (हिंदी) की परीक्षा में गंभीर अनियमितता सामने आई है। परीक्षा के दौरान छात्रों को गलत प्रश्न पत्र उपलब्ध कराए जाने के कारण सैकड़ों परीक्षार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस मामले को लेकर छात्र राजद ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है और विश्वविद्यालय प्रशासन से परीक्षा रद्द कर पुनः परीक्षा कराने तथा छात्रों को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई की माँग की है।
इस संबंध में टी.एन.बी. कॉलेज के अध्यक्ष देव सूरज एवं छात्र राजद के कार्यकर्ता आनंद राज,ऋषभ आदि ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य के साथ किया गया गंभीर खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की इस गलती के कारण छात्रों का कीमती समय, मेहनत और पैसा तीनों बर्बाद हुआ है, जिसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
दूर-दराज़ से आए छात्रों को हुई भारी परेशानी
परीक्षा देने के लिए कई छात्र दूर-दराज़ ग्रामीण क्षेत्रों और अन्य जिलों से भागलपुर पहुँचे थे। छात्रों ने किराया देकर यात्रा की, रहने-खाने की व्यवस्था की और पूरे मनोयोग से परीक्षा में शामिल हुए, लेकिन परीक्षा कक्ष में पहुँचते ही जब उन्हें पता चला कि प्रश्न पत्र सिलेबस के अनुरूप नहीं है, तो छात्र असमंजस और मानसिक तनाव में आ गए।
कई छात्रों ने बताया कि गलत प्रश्न पत्र के कारण वे परीक्षा ठीक से नहीं दे पाए और उन्हें भविष्य को लेकर चिंता सताने लगी।
छात्र राजद ने दिया ज्ञापन, मुआवज़े की माँग
छात्रों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए छात्र राजद की ओर से विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में साफ़ तौर पर माँग की गई कि—
एम.आई.सी. हिंदी की संबंधित परीक्षा को तत्काल रद्द किया जाए।
सभी छात्रों की पुनः परीक्षा सही प्रश्न पत्र के साथ आयोजित की जाए।
परीक्षा के लिए आने-जाने में छात्रों को जो भाड़ा, समय और आर्थिक नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई विश्वविद्यालय द्वारा की जाए।
इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

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