रिपोर्ट – अमरजीत कुमार तिवारी भागलपुर/बिहार।।
भागलपुर के घंटाघर के क्राइस्ट चर्च डायोसेसन स्कूल में सोहराय महापर्व प्रत्येक वर्ष आदिवासी जनजाति के अंतर्गत आने वाला संथाल समुदाय में मनाया जाता है. यह एक हर्षोल्लास का पर्व है. पूर्वजों की मान्यता है कि सोहराय पर्व पांच दिनों के लिए मनाया जाता है.आधुनिक समय में अधिकांश संथाल समुदाय के परिवार रोजगार और शिक्षा को प्राप्त करने के लिए अपने पैतृक गांव को छोड़कर शहर में बसने लगें हैं इसलिए जनवरी माह में किसी तिथि को निर्धारित करके सोहराय महापर्व को मनाया जाता है ।संथाल समुदाय के लिए यह पर्व बहुत ही पवित्र है इस पर्व को हाथी लेकान पर्व भी कहा जाता है।जिसमें अध्यक्ष – डॉक्टर रूबी हेंब्रम,सचिव प्रीति रानी ने मुख्य अतिथि रेवरेंट फ्रांसिस हसदा एवं विशिष्ट अतिथि – अधिवक्ता जोइल मुर्मू तालों बास्की एवं मंच संचालन बालेश्वर हंसदा सभी ने मिलकर दीप प्रज्वलित किया साथ ही साथ संथाल समुदाय की जो कला है उसको कई प्रतिभागी ने मंच पर कर्तव्य किया जिसमें कई युवा , युवतियों ने नाच गान का भी आनंद लिया वहीं देखा जाए कि अनुशासन का भी ध्यान रखा गया है जिसमें डॉक्टर रूबी ने बताया साथ ही सभी ने सभी एक दूसरे को बधाई देते हुए खाने पीने की भी इंतजाम रखा गया है।।
