रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/ बिहार।।
ईश्वर भक्ति स्वरूप के विशेषता के बारे में बताया गया गुरु सेवी भगीरथ बाबा जो महर्षि मेही के मानस पुत्र कहे जाते हैं इन्हीं को लेकर जयंती मनाई गई वहीं अध्यक्ष कबीर ने बताया कि ये जयंती 50 साल पूर्व से मनाई जा रही है 19 जनवरी से 20 जनवरी का कार्यक्रम आयोजित हुआ आज की दिन उन्होंने यहां समाधि लिया ।वहीं मिथलेश कुमार ने इस आयोजन का उद्देश्य सेवा ही धर्म है क्योंकि 25000 हजार लोगों की भीड़ श्रद्धालुओं के रूप में देखा गया।भंडारा का विशेष महत्व होता है इसलिए 2 कार्य दिवस भक्तों ने भंडारा का प्रसाद प्राप्त किया।कौशल किशोर मंडल ने बताया धर्म आस्था से जुड़ा हुआ है जो पूर्व से ही मानव के रूप में भक्त बाबा को मानते हैं।।वहीं मेले भी लगे थे जिसमें झूले , घिरनी, और खाने पीने के कई रोजगार से जुड़े लोग ने कमाया ।।गंगा नदी के किनारे अंग गढ़ कहलाने वाली चंपानगर के करीब गोसाईदासपुर जो नाथनगर प्रखंड में है।वहीं कार्यकर्ता विनोद, अरुण, विजेंद्र पासवान, निर्मल कुमार निर्मल , सुखदेव मंडल, सुगा लाल बाबू, ब्रह्म चारी माधव बाबा।।
