रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/बिहार।।
भागलपुर अनुमंडल पदाधिकारी, कहलगांव के कार्यालय कक्ष में जिलाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में कहलगांव तथा पीरपैंती अंचल में विभिन्न परियोजनाओं के लिए किया जा रहे भू अर्जन की स्थिति की समीक्षा की गई।
बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी, कहलगांव, भूमि सुधार उप समाहर्ता, कहलगांव, जिला भू अर्जन पदाधिकारी, अंचलाधिकारी पीरपैंती ,अंचलाधिकारी कहलगांव, प्रखंड विकास पदाधिकारी पीरपैंती उपस्थित थे।
उन्होंने गोड्डा- पीरपैंती रेल लाइन के भू अर्जन को लेकर अंचलाधिकारी कहलगांव एवं पीरपैंती को आदेश दिया कि संबंधित रैयतों से प्रतिदिन आवेदन लिया जाए और कैंप लगाकर वंशावली बनाने तथा एलपीसी निर्गत करने को निर्देश दिए ।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना का अनुश्रवण प्रधानमंत्री कार्यालय से किया जा रहा है। क्योंकि यह परियोजना 500 करोड़ से ज्यादा का है।
और 500 करोड़ से ज्यादा के सभी परियोजनाओं का अनुश्रवण प्रधानमंत्री कार्यालय से किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि भागलपुर जिला में 8 किलोमीटर में यह रेल लाइन पड़ता है। इसके साथ ही कहलगांव और पीरपैंती में चल रहे थर्मल पावर परियोजना, विक्रमशिला विश्वविद्यालय सहित सभी परियोजनाओं के भू अर्जन की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि अनुमंडल पदाधिकारी, कहलगांव द्वारा सभी परियोजनाओं के भू अर्जन की स्थिति की निरंतर अनुश्रवण एवं समीक्षा की जाएगी।
समीक्षा के उपरांत जिलाधिकारी द्वारा विक्रमशिला – कटारिया रेलवे लाइन के सर्वे स्थल का निरीक्षण किया गया जहां भूमि सर्वे का काम चल रहा है।
जिलाधिकारी वहां की जनता से रू- ब- रू हुए, वहां के अमीन का प्रतिवेदन देखें, वहां रेलवे के अधिकारी भी उपस्थित थे। कहलगांव के उपस्थित अंचलाधिकारी को उस परियोजना के रैयतों के नाम, जमाबंदी नंबर, खाता, खेसरा, भूमि किस्म से जिला भू अर्जन पदाधिकारी को शीघ्र अवगत कराने का निर्देश दिया। तथा रंगरा चक और गोपालपुर के अंचल अधिकारी को भी इस निर्देश से अवगत कराने का निर्देश दिया गया।
