किशनगंज में बाल विवाह मुक्ति रथ का शुभारंभ, 100 दिवसीय अभियान को मिली गति
किशनगंज (बिहार):
जिला किशनगंज में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से बाल विवाह मुक्ति रथ का शुभारंभ किया गया। जिला अधिकारी, किशनगंज ने समाहरणालय प्रांगण से जन निर्माण केंद्र के तहत इस मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर समूचे जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए विशेष प्रोत्साहन एवं जनभागीदारी पर बल दिया गया।
यह पहल 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत की गई है, जिसका उद्देश्य जन-जन में जागरूकता फैलाना तथा बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा के विरुद्ध आवाज बुलंद करना है। अधिकारियों ने बताया कि यह मुक्ति रथ जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण करते हुए बाल विवाह के दुष्परिणामों और इसके कानूनी निषेध से संबंधित संदेशों का व्यापक प्रचार करेगा।
बाल विवाह मुक्ति रथ 8 मार्च 2026 तक जिले के सभी क्षेत्रों में जाकर लोगों को जागरूक करता रहेगा। इसके माध्यम से यह संदेश प्रसारित किया जाएगा कि बाल विवाह भारत में एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जो कानूनी रूप से प्रतिबंधित होने के बावजूद आज भी लाखों लड़कियों और लड़कों को प्रभावित कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि बाल विवाह के गंभीर परिणाम सामने आते हैं, जिनमें शिक्षा में बाधा, कम उम्र में गर्भधारण से जुड़े स्वास्थ्य जोखिम, तथा व्यक्तिगत और आर्थिक विकास के सीमित अवसर शामिल हैं। इस सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए बाल विवाह निषेध अधिनियम (पीसीएमए), 2006 को लागू किया गया, जो 1929 के पूर्व बाल विवाह निवारण अधिनियम की कमियों को दूर करने हेतु अधिनियमित किया गया था।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास निगम के अधिकारी, जिला प्रशासन के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के संकल्प के साथ जन जागरूकता अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।
