किशनगंज (बिहार): किशनगंज जिला के कोचाधामन प्रखंड के सहन गांव में आज एक खास और भावुक करने वाला दृश्य देखने को मिला, जब गांव निवासी नूर आलम की 7 वर्षीय बेटी नाएलह नाज़ और 5 वर्षीय बेटी अलीशा नूर ने अपना रोज़ा मुकम्मल कर परिवार और मोहल्ले का दिल जीत लिया।
कम उम्र में पूरे दिन का रोज़ा रखकर दोनों नन्हीं बच्चियों ने हौसले, सब्र और दीनी जज़्बे की मिसाल पेश की। परिवार के अनुसार बच्चियों ने बड़े उत्साह और खुशी के साथ सहरी की और पूरे दिन इबादत व सब्र के साथ रोज़ा पूरा किया।
घर में इस मौके पर खुशी का माहौल रहा। इफ्तार के वक्त खास इंतज़ाम किए गए और परिवार के लोगों ने बच्चियों की हौसला अफ़ज़ाई करते हुए उन्हें दुआओं से नवाज़ा। माता-पिता ने कहा कि यह उनके लिए गर्व और खुशी का पल है कि इतनी कम उम्र में उनकी बेटियों ने दीनी जिम्मेदारी को समझते हुए रोज़ा रखा।
मोहल्ले के लोगों ने भी दोनों बच्चियों को मुबारकबाद दी और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए दुआ की। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी मिसालें समाज में सकारात्मक संदेश देती हैं और बच्चों में अच्छे संस्कारों को बढ़ावा मिलता है।
नन्हीं बच्चियों के इस कदम से पूरे इलाके में खुशी और गर्व का माहौल है।
