संवाददाता शुभम कुमार भागलपुर/बिहार
भागलपुर| कजरैली थाना क्षेत्र अंतर्गत तेतरहाट में वेजिटेबल ऑयल में मिलावट कर उसे दूसरे नामी ब्रांड के नाम से बेचा जा रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर करीब 5,000 लीटर तेल जब्त करते हुए संबंधित वर्कशॉप को सील कर दिया। कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार कजरैली थाना को सूचना मिली थी कि तेतरहाट स्थित एक वर्कशॉप में खुले तेल में मिलावट कर उसे नामी कंपनियों के ब्रांडेड पैकेट में भरकर बाजार में खपाया जा रहा है। यह भी बताया गया कि तेल को होलसेल बाजारों के अलावा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी बेचा जा रहा था। सूचना मिलते ही नाथनगर के एमओ अभिजीत कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।
छापेमारी के दौरान वर्कशॉप में बड़ी मात्रा में खाली पैकेजिंग सामग्री, विभिन्न ब्रांड के रैपर और करीब 5,000 लीटर वेजिटेबल ऑयल मिला। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि तेल की गुणवत्ता संदिग्ध हो सकती है। एहतियात के तौर पर पूरे स्टॉक को सील कर दिया गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से तेल का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है।
MO ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि तेल में किस तरह की मिलावट की गई थी। यदि मिलावट या ब्रांड की फर्जी पैकेजिंग की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इधर वर्कशॉप संचालक ओवैस आलम ने कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उनके पास सभी आवश्यक लाइसेंस और दस्तावेज मौजूद हैं।
