नजमुल हसनैन उर्फ ज़की ताज़ा पत्रिका किशनगंज
किशनगंज, कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार तथा जिला प्रशासन किशनगंज के संयुक्त तत्वावधान में आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र, किशनगंज में आयोजित छः (06) दिवसीय खेता कढ़ाई प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का भव्य उद्घाटन जिला पदाधिकारी श्री विशाल राज (भा.प्र.से.) एवं अपर समाहर्ता श्री मो. उमैर द्वारा रिबन काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
उद्घाटन अवसर पर जिला पदाधिकारी श्री विशाल राज ने कहा कि खेता कढ़ाई जिले की एक विशिष्ट पारंपरिक लोककला है, जो हमारी सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करने के साथ-साथ महिलाओं की रचनात्मक प्रतिभा और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रशिक्षण कार्यशालाएं स्थानीय कलाओं के संरक्षण के साथ कलाकारों को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हैं। उन्होंने प्रशिक्षुओं से अपील की कि वे प्रशिक्षण के दौरान अर्जित कौशल को व्यावसायिक रूप में विकसित करें।
अपर समाहर्ता श्री मो. उमैर ने अपने संबोधन में कहा कि जिला प्रशासन जिले की पारंपरिक एवं विलुप्तप्राय कलाओं के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए निरंतर प्रयासरत है। खेता कढ़ाई जैसी लोककलाओं को प्रोत्साहन देकर उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जा सकती है। उन्होंने महिलाओं से इस कला के संवर्धन में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया।
इस छः दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में कुल 40 प्रशिक्षुओं का चयन किया गया था, जिन्हें दिनांक 27 जनवरी 2026 से 02 फरवरी 2026 तक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को खेता कढ़ाई की मूल तकनीक, पारंपरिक डिज़ाइन, रंग संयोजन, कपड़े की तैयारी, सिलाई एवं कढ़ाई के विभिन्न चरणों की व्यावहारिक जानकारी दी गई। इसके साथ ही आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप नए डिज़ाइन विकसित करने तथा उत्पादों के विपणन से संबंधित जानकारी भी दी गई।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले की पारंपरिक खेता कढ़ाई कला का संरक्षण, स्थानीय कलाकारों के कौशल का उन्नयन तथा उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना रहा। यह कला विशेष रूप से जिले की महिलाओं द्वारा पीढ़ी-दर-पीढ़ी संरक्षित की जाती रही है, जिसे सहेजना वर्तमान समय की आवश्यकता है।
दिनांक 02 फरवरी 2026 को देर शाम आयोजित समापन समारोह में अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) किशनगंज सह वरीय प्रभारी, कला एवं संस्कृति कार्यालय, श्री मो. उमैर द्वारा महिलाओं एवं बच्चों सहित सभी प्रशिक्षुओं को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। उन्होंने प्रशिक्षुओं को नियमित अभ्यास, नवाचार तथा गुणवत्ता के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में कला एवं संस्कृति विभाग के पदाधिकारी, जिला प्रशासन के अधिकारी, प्रशिक्षक, स्थानीय कलाकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में प्रशिक्षु उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने इस उपयोगी प्रशिक्षण कार्यशाला के आयोजन के लिए जिला प्रशासन एवं कला एवं संस्कृति विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी इस प्रकार की कार्यशालाओं के आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की।
