दिघलबैंक, किशनगंज: भारत नेपाल बॉर्डर पर स्थित दिघलबैंक में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और जन निर्माण केंद्र ने संयुक्त रूप से बाल तस्करी और बाल विवाह के खिलाफ एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बाल तस्करी और मानव तस्करी के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना और इसके रोकथाम के लिए सामूहिक प्रयास करना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एसएसबी के उप कमांडेंट श्री दिनेश कुमार ने की, जिसमें एसएसबी के जवानों और जन निर्माण केंद्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में बाल तस्करी और मानव तस्करी के मुद्दों पर चर्चा की गई और इसके रोकथाम के लिए रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया।
जन निर्माण केंद्र के सचिव राकेश कुमार सिंह ने कहा कि भारत नेपाल बॉर्डर पर एसएसबी और जन निर्माण केंद्र की 24 घंटे उपस्थिति रहेगी और बाल तस्करी की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि एसएसबी और जन निर्माण केंद्र मिलकर बाल तस्करी और मानव तस्करी के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे।
एसएसबी के उप कमांडेंट श्री दिनेश कुमार ने कहा कि एसएसबी हमेशा बॉर्डर पर अपराध की रोकथाम के लिए तत्पर रहता है और बाल श्रम और मानव तस्करी के खिलाफ लड़ाई में जन निर्माण केंद्र की भूमिका की सराहना करते हैं। उन्होंने कहा कि एसएसबी और जन निर्माण केंद्र मिलकर इस दिशा में और अधिक काम करेंगे।
कार्यक्रम में सहायक कमांडेंट श्री प्रिया रंजन चकमा ने भी अपने विचार रखे और कहा कि एसएसबी बाल श्रम और बाल विवाह मुक्त भारत के लिए हर संभव प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि एसएसबी और जन निर्माण केंद्र की संयुक्त पहल से बाल तस्करी और मानव तस्करी के खिलाफ लड़ाई में सफलता मिलेगी।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने बाल तस्करी और मानव तस्करी के खिलाफ लड़ाई में अपनी प्रतिबद्धता जताई और इस दिशा में और अधिक काम करने का संकल्प लिया।
