प्रांतीय गणित-विज्ञान मेला के दूसरे दिन प्रतिभाओं का हुआ संगम, अतिथियों ने किया उद्घाटन

संवाददाता शुभम कुमार, भागलपुर।

आनंदराम ढांढनियां सरस्वती विद्या मंदिर, भागलपुर में आयोजित त्रि-दिवसीय प्रांतीय गणित-विज्ञान मेला 2025 के दूसरे दिन शिशु, बाल एवं किशोर वर्ग की विभिन्न प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया। विज्ञान, गणित, वैदिक गणित, संगणक का प्रयोग, प्रदर्श, प्रश्न मंच एवं पत्र वाचन की प्रतियोगिताओं में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि माननीय श्री मृत्युंजय कुमार झा, अध्यक्ष संस्कृत शिक्षा बोर्ड, बिहार, विशिष्ट अतिथि माननीय श्री ख्यालीराम, संगठन मंत्री, उत्तर पूर्व क्षेत्र, विद्या भारती, विशिष्ट अतिथि माननीय श्री प्रदीप कुमार कुशवाहा, प्रदेश सचिव, भारती शिक्षा समिति एवं शिशु शिक्षा प्रबंध समिति, बिहार, विद्यालय प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष प्रोफेसर (डॉ.) शैलेश्वर प्रसाद सिन्हा, पूर्व प्रधानाचार्य एस.के.पी. भागलपुर के आर.पी. सिंह एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य सुमंत कुमार द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि एवं प्रदेश सचिव ने मेला एवं प्रदर्शनी का उद्घाटन कर बाल वैज्ञानिकों के मॉडल और प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि मृत्युंजय कुमार झा ने कहा कि बाल वैज्ञानिकों की प्रतिभा और जिज्ञासा देखकर खुशी हो रही है। संस्कृत शिक्षा बोर्ड में भी ऐसी प्रतियोगिताएं आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने रामायण और महाभारत के उदाहरणों से विज्ञान एवं गणित के महत्व को रेखांकित किया।

संगठन मंत्री श्री ख्यालीराम ने बच्चों को प्रयोग और अनुसंधान की ओर प्रेरित करते हुए कहा कि प्रतियोगिताओं से बच्चों की प्रतिभा निखरती है और शिक्षा संस्कारयुक्त होनी चाहिए। प्रदेश सचिव श्री प्रदीप कुमार कुशवाहा ने कहा कि निर्धनता ज्ञानार्जन में बाधा नहीं है, बल्कि दृढ़ इच्छाशक्ति और खोजी प्रवृत्ति ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने कई भारतीय वैज्ञानिकों की जीवनी का उल्लेख कर बच्चों को प्रेरित किया।

इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) शैलेश्वर प्रसाद सिन्हा ने अध्यक्षीय भाषण दिया। मंच संचालन गया विभाग के जिला निरीक्षक श्री उमाशंकर पोद्दार ने किया। वहीं विद्यालय के प्रधानाचार्य श्रीमान सुमंत कुमार ने अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर किया।

शाम सात बजे से रंगमंचीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। मेला के तीसरे एवं अंतिम दिन पुरस्कार वितरण और समापन समारोह होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!