मस्कंद बरारी रामपुर में श्री श्री 108 जय बाबा त्रिलोकी नाथ मंदिर से एकादशी पर निकली भव्य कलश यात्रा, श्रद्धा और आस्था से उमड़ा जनसैलाब

भागलपुर से अमित कुमार की रिपोर्ट।।

भागलपुर जिले के मस्कंद बरारी रामपुर स्थित जानकी ठाकुरबाड़ी के पीछे स्थित श्री श्री 108 जय बाबा त्रिलोकी नाथ मंदिर में शुक्रवार को एकादशी के अवसर पर भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर मंदिर परिसर से 11 कलशों के साथ भव्य शोभा यात्रा निकाली गई, जिसमें दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर के मुख्य पुजारी श्री दिलीप बाबा ने विधिवत पूजा-अर्चना, वैदिक मंत्रोच्चारण और जलाभिषेक के साथ की। उन्होंने बताया कि यह आयोजन वर्षों पुरानी परंपरा का हिस्सा है, जिसे स्थानीय समाज और श्रद्धालु पूरी श्रद्धा एवं उत्साह के साथ निभाते आ रहे हैं। इस अवसर पर संजय यादव, पुरुषोत्तम (लालू मास्टर), गुड्डू, नटवर, मनस्वी, शिवम्, रिकी सहित कई प्रमुख श्रद्धालु और स्थानीय निवासी मौजूद थे, जिन्होंने आयोजन की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कलश यात्रा में करीब 150 से अधिक भक्तजन शामिल हुए। शोभा यात्रा मंदिर से प्रारंभ होकर पूरे क्षेत्र का भ्रमण करते हुए पुनः मंदिर परिसर में पहुंची, जहां विशेष हवन, भजन-कीर्तन और आरती का आयोजन किया गया। पूरी यात्रा के दौरान वातावरण “हर हर महादेव”, “जय माता दी” और “जय बाबा त्रिलोकी नाथ” के जयकारों से गूंज उठा। महिलाएं सिर पर कलश लिए चल रही थीं, जबकि पुरुष भक्त भक्ति गीत गाते हुए नाचते-गाते आगे बढ़ रहे थे।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बाबा त्रिलोकी नाथ के दरबार में मांगी गई मन्नतें सदैव पूरी होती हैं। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्होंने अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति इसी मंदिर में पाई है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, यह मंदिर आस्था और विश्वास का केंद्र है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।

शोभा यात्रा के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधि, वार्ड अध्यक्ष और पूजा पंडाल समिति ने संयुक्त रूप से सुरक्षा और व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाली। जगह-जगह पुलिस बल और स्वयंसेवक तैनात थे ताकि यात्रा शांतिपूर्ण एवं सुचारु रूप से संपन्न हो सके।

कार्यक्रम के समापन पर माँ की मूर्ति का विसर्जन विधि-विधान के साथ किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं की आंखों में भावुकता और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सभी ने मिलकर जय माता दी की जयकारा लगाया और अगले वर्ष फिर इसी भव्यता के साथ आयोजन करने का संकल्प लिया।

स्थानीय समाजसेवकों का कहना था कि इस तरह के धार्मिक आयोजन न केवल लोगों की आस्था को प्रगाढ़ करते हैं, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी देते हैं। अंत में पुजारी श्री दिलीप बाबा ने सभी श्रद्धालुओं को बाबा त्रिलोकी नाथ का आशीर्वाद दिया और कहा — “जो सच्चे मन से बाबा के दरबार में आता है, उसकी हर मुराद अवश्य पूरी होती है।”

 

एकादशी पर श्री श्री 108 जय बाबा त्रिलोकी नाथ मंदिर से निकली भव्य कलश यात्रा।

11 कलशों के साथ 150 से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति।

शोभा यात्रा में हर-हर महादेव और जय माता दी के गगनभेदी नारे।

जिला प्रशासन और स्थानीय समिति ने संभाली सुरक्षा की बागडोर।

श्रद्धालुओं ने अगले वर्ष फिर और भव्य आयोजन का लिया संकल्प।

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