गलगलिया में नशा के खिलाफ ऐतिहासिक जागरूकता अभियान, भातगांव पंचायत के जनप्रतिनिधियों सहित सैकड़ों ग्रामीणों की सहभागिता

ज़की हमदम गलगलिया (संवाददाता)।
गलगलिया क्षेत्र में नशा के बढ़ते प्रचलन के खिलाफ एक व्यापक और प्रभावशाली जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) 41वीं वाहिनी, रानीडंगा की सक्रिय भूमिका रही, जो भारत–नेपाल एवं भारत–भूटान सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों में भी निरंतर योगदान दे रही है। “नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।अभियान की विशेष बात यह रही कि भातगांव पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि बृजमोहन सिंह उर्फ मुन्ना सिंह सहित पंचायत के सभी जनप्रतिनिधि इसमें सक्रिय रूप से शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया और इस सामाजिक बुराई के खिलाफ मिलकर लड़ने का आह्वान किया।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना तथा विशेष रूप से युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था। अभियान की शुरुआत एक जागरूकता रैली से हुई, जो गलगलिया के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए गांव के विभिन्न टोले-मोहल्लों तक पहुंची। रैली में शामिल ग्रामीणों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर “नशा छोड़ो, जीवन बचाओ”, “नशामुक्त समाज, स्वस्थ समाज” और “युवा बचेंगे तभी देश बढ़ेगा” जैसे नारों के माध्यम से जन-जागरूकता का संदेश दिया।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि नशा आज समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है। यह न केवल व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। विशेष रूप से युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति चिंता का विषय है, जिसे रोकने के लिए समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर प्रयास करने की आवश्यकता है।

भातगांव पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि बृजमोहन सिंह उर्फ मुन्ना सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि पंचायत स्तर पर नशा मुक्ति को लेकर लगातार अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए उन्हें शिक्षा, खेलकूद, रोजगार और सकारात्मक सामाजिक गतिविधियों से जोड़ना बेहद जरूरी है। पंचायत के सभी जनप्रतिनिधि इस दिशा में मिलकर काम करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन व सामाजिक संगठनों का भी सहयोग लिया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को नशे से होने वाली शारीरिक, मानसिक और सामाजिक हानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि नशा छोड़ने के इच्छुक लोगों के लिए सरकारी और सामाजिक स्तर पर उपलब्ध सहायता एवं परामर्श सुविधाओं का लाभ कैसे लिया जा सकता है।

अभियान के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने नशा न करने, अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग करने की सामूहिक शपथ ली। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के जागरूकता अभियान समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाते हैं और इन्हें नियमित रूप से आयोजित किया जाना चाहिए।

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