संवाददाता शुभम कुमार, भागलपुर।
भागलपुर में हरितालिका तीज का पर्व बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली के लिए निर्जल व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की।
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाने वाला यह पर्व विशेषकर बिहार और पूर्वांचल क्षेत्र में अत्यंत लोकप्रिय है। इसे हरतालिका तीज या तीजा के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस व्रत से दांपत्य जीवन सुखमय होता है और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
सुबह से ही महिलाओं ने स्नान कर श्रृंगार किया और केले के पत्तों से मंडप बनाकर गौरी-शंकर की प्रतिमा स्थापित की। पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना के बाद रात्रि भर भजन-कीर्तन और जागरण का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक शिव-पार्वती विवाह की कथा भी सुनी।
करवाचौथ से भी कठिन माने जाने वाले इस व्रत में महिलाएं पूरे दिन बिना जल ग्रहण किए उपवास करती हैं और अगले दिन पूजा-अर्चना कर व्रत का समापन करती हैं। विवाहित महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और परिवार की समृद्धि के लिए तो अविवाहित कन्याएं योग्य वर की प्राप्ति के लिए यह व्रत करती हैं।
भागलपुर में तीज पर्व के मौके पर मंदिरों और घरों में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।
