रिपोर्ट – अमरजीत कुमार तिवारी,भागलपुर/बिहार।
इस अवसर पर पत्रकारों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था।
सैयद तनवीर हुसैन ने बताया कि आमतौर पर विभिन्न सियासी दलों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा दावते इफ्तार का आयोजन किया जाता है, जिसमें विभिन्न वर्गों के लोगों को आमंत्रित किया जाता है। लेकिन पत्रकारों के लिए विशेष रूप से दावते इफ्तार का आयोजन विरले ही देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज का एक अहम स्तंभ हैं, जो निष्पक्ष रूप से जनसरोकार के मुद्दों को उठाते हैं और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसी सोच के साथ पत्रकार साथियों के सम्मान और आपसी सौहार्द को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह दावते इफ्तार आयोजित किया गया । इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार सईद अनवर ने कहां की दूसरे असरे मगफिरत की शुरुआत ग्यारहवां रोजे से हो चुकी है। जिसने रोजेदारों को इफ्तार कराया, उसे अल्लाह ताला रोजेदारों द्वारा जितना शवाब पहुंचता है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन का मकसद केवल रोज़ा इफ्तार कराना ही नहीं, बल्कि पत्रकारों के बीच संवाद, एकजुटता और भाईचारे की भावना को मजबूत करना भी है। शिया धर्म गुरु डॉक्टर सैय्यद तासीर हुसैन ने कहा की रमजान उल मुबारक का महीना अल्लाह का महीना है, ये बाबरकत महीने में दावते इफ्तार का आयोजन से सवाब कई गुना बढ़ जाता है।
इस आयोजन में जिले के वरिष्ठ पत्रकार इकरामूल हक़, दीपक नौरंगी,इजाज़ रूमी,राजकुमार, मोहम्मद शमसेर, मोहम्मद समीउल्लाह, मोहम्मद शमीम, मोहम्मद अली,शिया धर्म गुरु डॉक्टर सैय्यद तासीर हुसैन सईद अनवर सहित विभिन्न प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया से जुड़े पत्रकारों की उपस्थिति थी।
