जनसुराज पार्टी का बड़ा खुलासा, बिहार के चार शीर्ष नेताओं पर गंभीर आरोप

संवाददाता शुभम कुमार भागलपुर।

जनसुराज पार्टी ने आज भागलपुर जिला कार्यालय में प्रेस वार्ता कर बिहार के चार शीर्ष नेताओं के खिलाफ गंभीर खुलासा किया है। जनसुराज के मुख्य प्रवक्ता बाबुल विवेक और जिला उपाध्यक्ष मो साबिर ने आज जनसुराज जिला कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए भाजपा नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भाजपा नेता संजय जायसवाल, भाजपा नेता सह स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे और सर्वदलीय नेता अशोक चौधरी पर गंभीर खुलासा किया। उन्हौने बताया कि जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर जी के द्वारा प्रेस के समक्ष इन नेताओं पर निम्न खुलासा किया गया है-1. मंगल पांडे:2019-20 के दौरान उनकी पत्नी उमिला पांडे के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) खाते में ₹2.12 करोड़ जमा हुए।

प्रश्न उठाया गया कि इस खाते का हिसाब क्यों छुपाया गया? यह पैसे किस स्रोत से आए?
2. समराट चौधरी (राज्य के उपमुख्यमंत्री):

उनके शैक्षणिक योग्यता और उम्र सम्बन्धित जानकारी चुनाव घोषणा-पत्र (affidavit) में गलत बताने का आरोप।

यह कहा गया है कि बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) के रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने मैट्रिकीय परीक्षा नहीं पास की थी, फिर उन्होंने सातवीं कक्षा उत्तीर्ण दिखायी।

इसके अलावा, उनके पास D.Litt. डिग्री होने का दावा, जबकि मैट्रिक पास नहीं है — यह भी प्रश्न का विषय बनाया गया।
सम्राट चौधरी पर सदानंद सिंह की हत्या के मामले में जेल जाने , कोर्ट के द्वारा पता करने पर यह पता चलना की सम्राट चौधरी मैट्रिक फेल हैं फिर सम्राट चौधरी द्वारा सातवीं पास का हलफनामा देना खुद को नाबालिग साबित करना फिर जेल से बाहर निकलकर सम्राट मौर्य से राकेश कुमार फिर नाम बदलकर सम्राट चौधरी बन जाने का गंभीर आरोप लगाते हुए जवाब मांगा गया।
3. अशोक चोधरी:
“बेनामी संपत्ति” (benami property) प्राप्त करने का आरोप लगाया गया।
कहा गया कि उन्होंने PA (personal assistant) के नाम पर बिक्रम, पटना में 23 कट्ठा जमीन खरीदी और बाद में उसे अपनी बेटी शम्भावी चोधरी के नाम हस्तांतरित कर दिया।
साथ ही, उन पर एक न्यासी ट्रस्ट (Human Vaibhav Vikas Trust) के माध्यम से बड़ी संख्या में धनराशि (≈ ₹200 करोड़) एकत्रित करने, ब्यूरोक्रेट और ट्रस्ट जुड़े लोगों के नामों में खातों का प्रयोग करने का भी आरोप है।
4. संजय जयस्वाल (भाजपा):
बेटिया में एक फ्लाईओवर के निर्माण में दस वर्षों की देरी का आरोप, जिसमें उनके परिवार के पेट्रोल पंपों का हित शामिल होने की बात कही गई। नगर निगम की सफाई हेतु वाहन (municipal cleaning vehicles) के झूठे/फर्जी बिलों (fake bills) के माध्यम से करोड़ों की अनियमितताओं का आरोप।
मुख्य प्रवक्ता बाबुल विवेक ने कहा कि चाल चरित्र और चेहरा की बात करने वाली भारतीय जनता पार्टी और एनडीए के नेताओं का यह काला सच बिहार के लोगों के समक्ष जरूर आना चाहिए और ऐसे दोहरे चरित्र के नेता ही बिहार की बदहाली के असली कारण है। जनसू राज पार्टी ने कहा कि बिहार के ऐसे भ्रष्ट नेताओं का सच वह लेकर बिहार के लोगों के समक्ष आते रहेंगे और ऐसे नेताओं का हिसाब किताब कानूनी एवं जनता के बीच दोनो हीं तरीके से किया जाएगा।

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