किशनगंज में 2025 में बाल संरक्षण में उल्लेखनीय सफलता: 305 बच्चों को बाल विवाह और ट्रैफिकिंग से बचाया गया

ज़की हमदम किशनगंज,  बाल सुरक्षा और संरक्षण के क्षेत्र में किशनगंज जिला 2025 में एक बेहतरीन साल रहा। जिला प्रशासन, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और सामुदायिक नेताओं के साथ मिलकर काम करते हुए नागरिक समाज संगठन जन निर्माण केंद्र ने इस वर्ष कुल 305 बच्चों को बाल विवाह और ट्रैफिकिंग से बचाया। इनमें से 211 बच्चों को बाल विवाह से और 94 बच्चों को ट्रैफिकिंग से मुक्त कराया गया। ट्रैफिकिंग से मुक्त कराए गए बच्चों में 7 लड़कियां और 87 लड़के शामिल थे।

जन निर्माण केंद्र देश में बाल अधिकारों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए काम करने वाले जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) नेटवर्क का सहयोगी संगठन है। जेआरसी के 250 से अधिक सहयोगी संगठन देश के 451 जिलों में बाल अधिकारों की सुरक्षा और बच्चों के खिलाफ अपराधों की रोकथाम के लिए सक्रिय हैं।

जन निर्माण केंद्र के निदेशक राकेश कुमार सिंह ने कहा, “बाल सुरक्षा की दिशा में यह एक ऐतिहासिक साल रहा। जिला प्रशासन, पुलिस, ग्राम पंचायतों और शिक्षकों के सहयोग से जमीन पर किए गए कार्यों का असर साफ दिख रहा है। बच्चों को ट्रैफिकिंग से मुक्त कराना सिर्फ पहला कदम है। हमें गरीबी, बाल मजदूरी और बाल विवाह के दुष्चक्र को तोड़ने के लिए बच्चों का पुनर्वास, उन्हें स्कूलों में वापस जोड़ना और आर्थिक दृष्टि से संवेदनशील परिवारों को कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना होगा।”

देश भर में जेआरसी के सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर जन निर्माण केंद्र 2030 तक भारत से बाल विवाह, बाल मजदूरी और बाल वेश्यावृत्ति जैसी कुप्रथाओं के खात्मे के लिए काम कर रहा है। नेटवर्क रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) सहित सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर बच्चों को समय रहते बचाने में मदद करता है।

बाल विवाह रोकने के लिए धार्मिक समुदाय को भी अभियान में जोड़ा गया है। देश भर में तीन लाख से अधिक धार्मिक नेताओं ने बाल विवाह के खिलाफ लोगों को जागरूक किया है। किशनगंज में भी विभिन्न धार्मिक स्थलों पर बोर्ड लगाए गए हैं कि यहां बाल विवाह की अनुमति नहीं है।

इसके अलावा, केंद्र सरकार के ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ 100-दिवसीय गहन जागरूकता अभियान के तहत, जिला प्रशासन और जन निर्माण केंद्र ने विवाह समारोहों में सेवाएं देने वाले टेंट वालों, बैंड वालों, दर्जियों, सजावट करने वालों और कैटरर्स के साथ बैठकें कर उन्हें भी जागरूक किया है कि बाल विवाह में किसी भी प्रकार का सहयोग कानूनन अपराध है।

इस तरह, किशनगंज ने 2025 में बाल सुरक्षा और संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल कायम की है।

 

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