किशनगंज में बाल विवाह रुकवाया गया, प्रशासन और सामाजिक संगठनों की संयुक्त कार्रवाई से बची नाबालिग की जिंदगी

किशनगंज। सामाजिक कुप्रथा के विरुद्ध एक सराहनीय कदम उठाते हुए किशनगंज जिले के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत सिंघिया कुलामुनी पंचायत में बुधवार को एक नाबालिग बालिका का विवाह प्रशासन और सामाजिक संगठनों की संयुक्त कार्रवाई से रुकवा दिया गया। समय रहते हुई इस कार्रवाई से मासूम बच्ची का जीवन गलत दिशा में जाने से बच गया।

जन निर्माण केंद्र को स्थानीय स्रोतों से सूचना मिली थी कि गांव में 16 वर्षीय किशोरी का विवाह तय किया गया है। सूचना की पुष्टि होते ही संस्था के जिला परियोजना समन्वयक मोहम्मद मुजाहिद आलम के नेतृत्व में टीम सक्रिय हुई। उन्होंने तत्काल सदर अंचल अधिकारी सह सहायक बाल विवाह प्रतिषेध पदाधिकारी राहुल कुमार और पुलिस प्रशासन को जानकारी दी। इसके बाद संयुक्त टीम विवाह स्थल पर पहुंची और परिजनों से संवाद कर स्थिति का जायज़ा लिया।

अधिकारियों और टीम ने परिजनों को बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 की कानूनी धाराओं के साथ-साथ बाल विवाह से होने वाली मानसिक, शारीरिक और सामाजिक हानियों के बारे में समझाया। बातचीत के बाद परिजनों ने बच्ची का विवाह रोकने का फैसला लिया और लिखित रूप में इसका प्रमाण भी दिया।

सदर अंचल अधिकारी राहुल कुमार ने स्पष्ट कहा कि नाबालिग की शादी करवाना, कराना या किसी भी प्रकार से सहयोग करना गैर-जमानती अपराध है। बाल विवाह से शिक्षा का अधिकार, मानसिक और शारीरिक विकास पर गंभीर असर पड़ता है। इसके बाद परिजनों से शपथ पत्र भरवाया गया, जिसमें उन्होंने एकरार किया कि बच्ची की शादी 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद ही करेंगे।

इस मौके पर संस्था के सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद जफर अंजुम, सबीह अनवर, चाइल्ड हेल्पलाइन सुपरवाइजर अब्दुल कय्यूम, अंजू कुमारी, स्थानीय पंचायत समिति सदस्य एवं पुलिस बल मौजूद रहे।

 

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