किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड अंतर्गत कटहलडांगी से धर्मकांटा तक निर्माणाधीन बाईपास सड़क को लेकर स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन का ध्यान गंभीर समस्या की ओर आकृष्ट कराया है। इस संबंध में जिला पदाधिकारी, किशनगंज को एक आवेदन सौंपकर बाईपास सड़क के अलाइनमेंट में आवश्यक संशोधन करने तथा मुंशीभिट्टा कब्रिस्तान को नदी कटाव से बचाने की मांग की गई है।
आवेदन में बताया गया है कि बुढ़िडांगी नदी के रास्ते मेची नदी का पानी बरसात के दिनों में उफान पर रहता है, जो अंततः महानंदा नदी में जाकर मिलता है। इस तेज जल प्रवाह के कारण पिछले दो वर्षों से मुंशीभिट्टा कब्रिस्तान में लगातार कटाव हो रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि बिहार सरकार द्वारा कब्रिस्तान की सुरक्षा के लिए निर्मित बाउंड्री वॉल भी गिर चुकी है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन को अवगत कराया कि बाईपास सड़क निर्माण के लिए बिहार सरकार के पास पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। नगर पंचायत ठाकुरगंज ऊंचाई पर स्थित होने के कारण मस्तान चौक से थाना क्षेत्र तक का जलजमाव एवं नगर के बड़े नालों का पानी बुढ़िडांगी नदी में ही समाहित होता है। इससे कब्रिस्तान क्षेत्र में जल प्रवाह और कटाव की समस्या और भी बढ़ जाती है।
आवेदन में सुझाव दिया गया है कि मुंशीभिट्टा कब्रिस्तान को सुरक्षित रखने के लिए बुढ़िडांगी नदी के रुख को कब्रिस्तान के अंतिम छोर से लेकर मुंशीभिट्टा ईदगाह तक पश्चिम दिशा में मोड़ते हुए बाईपास सड़क के अलाइनमेंट से जोड़ा जाए। साथ ही, कब्रिस्तान के पूर्वी हिस्से में हुए कटाव को मिट्टी भरकर पक्का किया जाए, ताकि बरसात के मौसम में नदी के साथ बहकर आने वाले मृत पशु अथवा अन्य अपशिष्ट कब्रिस्तान में प्रवेश न कर सकें और उसकी पवित्रता बनी रहे।
स्थानीय नागरिकों ने जिला पदाधिकारी से उपरोक्त बिंदुओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए जनहित में आवश्यक कार्रवाई करने तथा संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है।
इस आवेदन की प्रतिलिपि पथ निर्माण विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप जयसवाल, किशनगंज के सांसद, स्थानीय विधायक, पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता, मुख्य पार्षद किशनगंज सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को भी भेजी गई है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन शीघ्र संज्ञान लेकर कब्रिस्तान को कटाव से बचाने एवं बाईपास सड़क निर्माण को सुरक्षित और जनहितकारी स्वरूप देगा।
