किशनगंज: किशनगंज-ठाकुरगंज सड़क को स्टेट हाईवे में परिवर्तित करने की वर्षों पुरानी मांग को आखिरकार मंजूरी मिल गई है। सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आज़ाद के लगातार प्रयासों और संघर्ष के बाद पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में 40 वृहद जिला पथों को राज्य उच्च पथों (State Highway) में उन्नत करने पर प्राथमिक सहमति बनी है। इसमें किशनगंज-ठाकुरगंज मार्ग भी शामिल है।
सांसद डॉ. जावेद ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि यह क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल आवागमन को सुगम बनाएगा, बल्कि आर्थिक विकास और कनेक्टिविटी को भी नई दिशा देगा।
सांसद ने यह भी बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने किशनगंज लोकसभा क्षेत्र से जुड़े राष्ट्रीय राजमार्गों की कई समस्याओं पर संज्ञान लेते हुए अहम फैसले लिए हैं। इसके तहत फरिंगिला एसएसबी कैंप परियोजना की डीपीआर अगले तीन महीनों में पूरी की जाएगी।
एनएच-27 के अंतर्गत किशनगंज बस स्टैंड से रेलवे स्टेशन तक लगभग 700 मीटर लंबे जर्जर हिस्से की मरम्मत का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। साथ ही, एनएच-27 के सर्विस लेन एवं चौड़ीकरण के लिए मेसर्स सोई कोटिंग कंपनी को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का कार्य सौंपा गया है।
इसके अलावा, मोरेरानी-किशनगंज एलीवेटेड कॉरिडोर के लिए डीपीआर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसमें बाईपास मार्ग को भी शामिल किया जाएगा। वहीं, किशनगंज से बाढ़गुंज ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना की निविदा और अनुबंध प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, और अक्टूबर 2025 तक इसका निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
इन सभी परियोजनाओं के जरिए किशनगंज लोकसभा क्षेत्र में सड़क परिवहन और यातायात व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
