किशनगंज। जन निर्माण केंद्र को स्थानीय सूत्रों से सूचना मिली कि सदर थाना क्षेत्र के ट्यूसा पंचायत में एक 13 वर्षीय किशोरी का विवाह तय किया गया है। सूचना मिलते ही संस्था की टीम जिला समन्वयक श्री मोहम्मद मुजाहिद आलम के नेतृत्व में सक्रिय हो गई।
अनुमंडल पदाधिकारी और बाल विवाह प्रतिषेध पदाधिकारी अनिकेत कुमार के निर्देशानुसार, अंचल अधिकारी-सह- सहायक बाल विवाह प्रतिषेध पदाधिकारी राहुल कुमार, पुलिस प्रशासन और संस्था की टीम विवाह स्थल पर पहुंची और स्थिति का जायज़ा लिया।
मौके पर परिजनों से संवाद कर उन्हें बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 की कानूनी धाराओं, बाल विवाह से होने वाली मानसिक, शारीरिक और सामाजिक हानियों के बारे में समझाया गया। परिवार ने समझदारी दिखाते हुए विवाह को स्थगित करने का निर्णय लिया और इसका लिखित प्रमाण भी दिया।
अंचल अधिकारी राहुल कुमार ने बताया कि किसी भी नाबालिक का विवाह करवाना या इसमें सहायता प्रदान करना गैर-जमानती कानूनी अपराध है। नाबालिक विवाह से बच्चों के शिक्षा के अधिकार, मानसिक और शारीरिक विकास पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इन समझाइशों के बाद परिजन मान गए और विवाह रोक दिया गया।
टीम ने परिजनों से शपथ पत्र भी भरवाया, जिसमें उन्होंने इकरार किया कि उनकी बच्ची का विवाह केवल 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद ही किया जाएगा। इस अवसर पर संस्था के सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ता जफर अंजुम, शबीह अनवर, स्थानीय जनप्रतिनिधि और पुलिस बल भी मौजूद थे।
