आदिश्वरूपा मां शैलपुत्री का आगमन, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ पूजन आरंभ

भागलपुर से अमित कुमार की रिपोर्ट

भागलपुर। शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन आदिश्वरूपा मां शैलपुत्री का आवाहन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। पंडित रोहित मिश्रा (पुत्र स्व. अशोक कुमार मिश्रा) के आवासीय कचहरी शनि मंदिर निकट वैदिक संस्कृत मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना की शुरुआत हुई।

पंडित मिश्रा ने बताया कि मां शैलपुत्री समस्त प्राणियों के कष्ट हरने वाली और ममत्व का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि जो भी भक्त सच्चे भाव से मां की आराधना करता है, उसे सुख-समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है। जैसे भगवान गणेश ने माता की पूजा कर ‘प्रथम पूज्य गणराज’ का स्थान प्राप्त किया, वैसे ही मां की भक्ति करने से जीवन में हर बाधा दूर होती है।

नवरात्र के दस दिनों तक हर दिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूप की पूजा की जाएगी। प्रथम दिन मां शैलपुत्री के पूजन से यह पर्व आरंभ हुआ। पंडित मिश्रा ने श्रद्धालुओं से प्रार्थना की कि इस नवरात्र में प्राणियों में सद्भावना स्थापित हो, विश्व का कल्याण हो और पापियों का नाश हो।

मंदिर परिसर में भक्तों ने ‘जय माता दी’ के उद्घोष के साथ पूजा-अर्चना में भाग लिया और सात्विक भाव से मां की आराधना की।

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