संवाददाता शुभम कुमार, भागलपुर।
नवरात्र की पहली पूजा के अवसर पर आस्था का जनसैलाब मुंगेर जिले के प्रसिद्ध तांत्रिक शक्ति सिद्धपीठ तेलडीहा दुर्गा मंदिर में उमड़ पड़ा। अहले सुबह से ही श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना करने मंदिर पहुंचे और पूरे परिसर में “जय माता दी” के गगनभेदी जयकारे गूंजते रहे।
भागलपुर जिले के सुल्तानगंज उत्तरवाहिनी गंगा में स्नान कर श्रद्धालु जल भरते हुए करीब 20 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर मंदिर पहुंचे और मां भगवती की पूजा-अर्चना की। लाखों की संख्या में भक्तों ने प्रथम दिन के दर्शन किए।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। जगह-जगह दंडाधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
तेलडीहा दुर्गा मंदिर का इतिहास भी अत्यंत समृद्ध है। इसकी स्थापना वर्ष 1603 में बंगाल के शांतिपुर जिले के दालपोसा गांव के हरवल्लव दास ने तांत्रिक विधि से की थी। तभी से यह मंदिर शक्ति सिद्धपीठ के रूप में विख्यात है। यहां नवरात्र में विशेष पद्धति से बंगाली रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा होती है।
नवरात्र के प्रथम दिन मां दुर्गा के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु भाव-विभोर होकर पूजा-अर्चना में लीन दिखे।
