काठमांडू/रिपोर्ट: मोहम्मद मुजाहीर, किशनगंज
नेपाल में बीते दिनों भड़के विरोध प्रदर्शनों ने राजनीतिक हलचल और प्रशासनिक संकट को और गहरा कर दिया है। हालाँकि फिलहाल विरोध थम गया है, लेकिन हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। प्रदर्शनकारियों की हिंसक गतिविधियों से संसद भवन सहित कई सरकारी और गैर-सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुँचा है। कई इमारतें आग की चपेट में आकर राख हो गईं, जिससे प्रशासनिक कार्य बुरी तरह प्रभावित हुए।
प्रधानमंत्री ने दिया इस्तीफ़ा
लगातार बढ़ते जनाक्रोश और राजनीतिक दबाव के बीच नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली ने इस्तीफ़ा दे दिया। अपने त्यागपत्र में उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में जनता का विश्वास बनाए रखना मुश्किल हो गया था।
भारत-नेपाल सीमा पर सतर्कता बढ़ाई गई
नेपाल की इस उथल-पुथल का असर भारत-नेपाल सीमा पर भी देखा जा रहा है। किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ बॉर्डर समेत कई सीमावर्ती इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। एसएसबी (सीमा सुरक्षा बल) ने सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है। इसी दौरान फरार महिला कैदी एंजिला खातून को गिरफ्तार कर नेपाल पुलिस के हवाले किया गया।
भारतीय नागरिकों के लिए हेल्पलाइन
भारत सरकार ने नेपाल में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर हेल्पलाइन जारी की है। विदेश मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि हर भारतीय की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाएगी।
नेपाल ने भारत से मांगी मदद
सूत्रों के मुताबिक, हालात पर काबू पाने के लिए नेपाल सरकार ने भारत से मदद की अपील की है। इस पर भारत ने शांति और स्थिरता बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा है कि नेपाल के साथ सहयोग और समर्थन जारी रहेगा।
