बेतिया से नीतीश कुमार ने शुरू की 16वीं “समृद्धि यात्रा”, हर प्रखंड में डिग्री कॉलेज और आदर्श विद्यालय खोलने का ऐलान

ज़की हमदम बिहार 

बगहा/बेतिया। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पश्चिमी चंपारण के बेतिया से अपनी 16वीं “समृद्धि यात्रा” की औपचारिक शुरुआत की। इस मौके पर उनके साथ राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी, आपदा प्रबंधन मंत्री नारायण साह सहित कई गणमान्य नेता और अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य के हर प्रखंड में उच्चतर शिक्षा के लिए एक-एक डिग्री कॉलेज और एक-एक आदर्श विद्यालय खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि अब बिहार के युवाओं को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा, क्योंकि राज्य में नए-नए उद्योगों की स्थापना की जाएगी।

नीतीश कुमार ने कहा कि वर्ष 2005 में सत्ता संभालने के बाद से सरकार लगातार विकास के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले बिहार की स्थिति बेहद खराब थी, लोग घर से बाहर निकलने में डरते थे, बिजली-पानी और सुरक्षा की भारी कमी थी। लेकिन अब भय का माहौल समाप्त हो चुका है और राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए कब्रिस्तानों की घेराबंदी कराई, वहीं मंदिरों की भी सुरक्षा सुनिश्चित की गई, जिससे चोरी जैसी घटनाओं पर रोक लगी। शिक्षा के क्षेत्र में लड़कियों के लिए साइकिल, पोशाक और छात्रवृत्ति योजनाएं शुरू की गईं। अब तक 5 लाख 24 हजार शिक्षकों की बहाली की जा चुकी है।

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में प्रतिदिन लगभग 11,600 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। हर जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की गई है और स्वास्थ्य ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है। सड़क संपर्क में सुधार से अब पटना से बेतिया की दूरी लगभग 5 घंटे में तय की जा सकती है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि हर घर बिजली पहुंचाई जा चुकी है, वह भी मुफ्त में। अब प्रत्येक घर की छत पर सोलर पैनल लगाने की योजना पर काम किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि अब तक 50 लाख युवाओं को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। महिलाओं और वृद्धों की पेंशन राशि में वृद्धि की गई है।

जीविका दीदियों के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि पहले ₹2 लाख की सहायता दी जा रही थी, जिसे अब और बढ़ाया जाएगा। महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि हर समाज और हर वर्ग के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को केंद्र सरकार का भी पूरा सहयोग मिल रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। “खेलो इंडिया” को बिहार में बढ़ावा दिया गया है। राज्य सरकार ने प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।

उन्होंने भविष्य की योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू किया जाएगा, स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाया जाएगा और सरकारी चिकित्सकों के निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने की नीति लाई जाएगी। खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जाएगी।

पश्चिमी चंपारण के विकास पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले इस क्षेत्र की स्थिति खराब थी, लेकिन अब यहां इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक, महिला कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, पैरामेडिकल संस्थान और ऑडिटोरियम की स्थापना की गई है। सड़कों और पुलों का निर्माण कराया गया है और आगे भी विकास कार्य जारी रहेंगे।

उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी पहली यात्रा भी चंपारण से ही शुरू की थी और इस बार भी समृद्धि यात्रा की शुरुआत यहीं से की गई है। कुमारबाग में बंद उद्योगों को फिर से चालू किया जाएगा, चनपटिया की चीनी मिलें पुनः शुरू होंगी, सभी पंचायतों में सुधा दूध बिक्री केंद्र खोले जाएंगे, सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज स्थापित होंगे और बेतिया अस्पताल को विशिष्ट अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि “सबका सम्मान और सबको सरकारी योजनाओं का लाभ” देना ही सरकार का लक्ष्य है और समृद्ध, सशक्त व विकसित बिहार बनाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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