मालदा मंडल द्वारा न्यू फरक्का रेलवे स्टेशन परिसर में सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की जयंती का आयोजन

मालदा मंडल द्वारा न्यू फरक्का रेलवे स्टेशन परिसर में सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की जयंती का आयोजन

रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/बिहार।

*मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में मालदा मंडल के राजभाषा विभाग के तत्वावधान में हिंदी साहित्य के प्रख्यात साहित्यकार सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की जयंती का आयोजन आज दिनांक 24.02.2026 को न्यू फरक्का रेलवे स्टेशन परिसर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।*

कार्यक्रम की अध्यक्षता सहायक अभियंता, न्यू फरक्का एवं अध्यक्ष, लोको राजभाषा कार्यान्वयन समिति, न्यू फरक्का, श्री विपुल राय शर्मा द्वारा की गई। कार्यक्रम में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उल्लेखनीय सहभागिता रही।

स्टेराकास, न्यू फरक्का के सचिव श्री निर्मल ठाकुर ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया। तत्पश्चात कार्यक्रम का शुभारंभ निराला जी के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। अध्यक्ष महोदय द्वारा आमंत्रित वक्ताओं को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

आमंत्रित वक्ताओं में साहेबगंज से श्री सुधीर कुमार श्रीवास्तव, श्री पुरुषोत्तम गुप्ता, श्री श्याम लोचन एवं श्री अमन कुमार होली; पटना से श्री विनय कुमार झा ‘विमल’; बड़हरवा से सुश्री इंद्राणी; भागलपुर से श्री सच्चिदानंद किरण तथा न्यू फरक्का से श्री जितेंद्र कुमार सिंह ने निराला जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला।

वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में निराला जी को हिंदी साहित्य जगत के अद्वितीय साहित्यकार, पत्रकार एवं कवि के रूप में स्मरण करते हुए कहा कि उनकी रचनाओं ने हिंदी साहित्य को नई दिशा प्रदान की। उनकी कृतियां केवल साहित्यिक अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का सशक्त माध्यम हैं। वर्तमान परिवेश में उनकी रचनाएँ अत्यंत प्रासंगिक प्रतीत होती हैं। इस अवसर पर कवियों द्वारा फागुन एवं होली विषयक कविताओं की प्रस्तुति भी दी गई, जिससे कार्यक्रम का वातावरण उत्सवमय हो उठा।

कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ अनुवादक श्री विद्यासागर राम द्वारा किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन कनिष्ठ अनुवादक श्री इंद्र ज्योति राय द्वारा प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर ने मंडल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मध्य साहित्यिक चेतना एवं सांस्कृतिक सहभागिता को और सुदृढ़ किया।

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