काठमांडू (नेपाल)। बागमती नदी के पावन तट पर स्थित भगवान पशुपतिनाथ का मंदिर न केवल नेपाल बल्कि पूरे विश्व में हिंदू आस्था का एक प्रमुख केंद्र है। नेपाल की राजधानी काठमांडू में स्थित यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और इसे नेपाल के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से एक माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पशुपतिनाथ मंदिर में भगवान शिव की पंचमुखी प्रतिमा विराजमान है, जिनके चार मुख चारों दिशाओं में और एक मुख ऊपर की ओर माना जाता है। इस पंचमुखी स्वरूप का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। कहा जाता है कि भगवान शिव ने पृथ्वी पर धर्म और न्याय के असंतुलन के समय पशुपतिनाथ का रूप धारण किया था।
मान्यता यह भी है कि केदारनाथ धाम का एक अंश बाबा पशुपतिनाथ महादेव से जुड़ा हुआ है, जिस कारण इस मंदिर का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। बागमती नदी के तट पर दाह संस्कार करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है, इसी कारण इस स्थल को “मुक्ति धाम” भी कहा जाता है।
साल के अंतिम दिनों और नए वर्ष की शुरुआत के अवसर पर भारत के भागलपुर से पत्रकार अमित कुमार के साथ राकेश कुमार तिवारी, मंजीत चौधरी नेपाल पहुंचे। उनके साथ नेपाल के स्थानीय श्रद्धालु विकाश कट्टूवाल, मेघ बहादुर और संदेश प्रसाई ने भी पशुपतिनाथ मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। सभी श्रद्धालुओं ने भगवान पशुपतिनाथ महादेव से देश में शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए आशीर्वाद की कामना की।
पशुपतिनाथ मंदिर आज भी श्रद्धा, परंपरा और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना हुआ है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
