रेतुआ नदी पर बांस-बल्ले की चचरी पुल तैयार, ग्रामीणों के लिए राहत की नई राह

टेढ़ागाछ (किशनगंज):
किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत चिल्हनियां पंचायत स्थित रेतुआ नदी पर शनिवार देर रात बांस-बल्ले से निर्मित अस्थायी चचरी पुल तैयार हो गया। पुल बनकर तैयार होते ही ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई और रविवार सुबह से ही दोपहिया व चारपहिया वाहनों का आवागमन शुरू हो गया।

पिछले कई हफ्तों से रेतुआ नदी पर स्थायी पुल के अभाव में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। बरसात के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने से पुराना रास्ता पूरी तरह टूट गया था, जिससे आसपास के गांवों का संपर्क टेढ़ागाछ व अन्य इलाकों से कट गया था। स्थानीय लोगों के आग्रह पर घाट ठेकेदार तमिज़ुद्दीन ने बांस-बल्ले की मदद से अस्थायी चचरी पुल का निर्माण कार्य शुरू कराया, जो अब पूरा हो चुका है।

ठेकेदार तमिज़ुद्दीन ने बताया कि इस अस्थायी चचरी पुल के निर्माण में लगभग दो लाख रुपये की लागत आई है। उन्होंने कहा कि यह पुल फिलहाल ग्रामीणों की सुविधा को ध्यान में रखकर बनाया गया है ताकि आवागमन बहाल हो सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन जल्द ही इस जगह पर स्थायी पुल निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाएगा।

पुल बन जाने से सुहिया, रेतुआ, पलासी, सिकटी, कुर्साकाटा, बहादुरगंज, कोचाधामन, दिघलबैक समेत दर्जनों पंचायतों के लोगों को राहत मिली है। अब ग्रामीण आसानी से बाजार, स्कूल, अस्पताल और कृषि कार्यों के लिए आने-जाने में सक्षम हो गए हैं।

स्थानीय ग्रामीण अब्दुल रहीम, रामविलास यादव और मोहम्मद हनीफ ने बताया कि पुल टूट जाने के बाद कई बार नदी पार करते समय लोग गिरकर घायल हो गए थे। कई बार मरीजों और गर्भवती महिलाओं को भी अस्पताल तक पहुंचाने में दिक्कतें आईं। लेकिन अब इस चचरी पुल के निर्माण से लोगों को बड़ी राहत मिली है।

ग्रामीणों ने पुल निर्माण में योगदान देने वाले घाट ठेकेदार और श्रमिकों का आभार व्यक्त किया। साथ ही प्रशासन से स्थायी पुल निर्माण की मांग भी की ताकि हर साल बाढ़ और बारिश के मौसम में इस तरह की परेशानियों से उन्हें दो-चार न होना पड़े।

 

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