संवाददाता शुभम कुमार, भागलपुर।
भागलपुर के सैनिक स्कूल गणपत राय सलारपुरिया सरस्वती विद्या मंदिर, नरगाकोठी चंपानगर में गुरुवार, 28 अगस्त 2025 को विभागीय सप्तशक्ति संगम कार्यशाला 2025 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत क्षेत्रीय संयोजिका डॉ. पूजा, चिकित्सक डॉ. रोमा यादव, प्रांतीय सह संयोजिका राखी कुमारी, भागलपुर जिला संयोजिका अनीता कुमारी, प्रांत प्रभारी उमाशंकर पोद्दार एवं बांका जिला संयोजिका रानी महकम द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर की गई।
डॉ. पूजा ने अपने संबोधन में कहा कि पश्चिमी सभ्यता के बढ़ते प्रभाव के बीच भारतीय संस्कृति को जीवित रखने के लिए सप्तशक्ति संगम आवश्यक है। यह महायज्ञ संघ और विद्या भारती द्वारा निर्धारित नियमों के अनुरूप आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष (2025-26) के उपलक्ष्य में यह कार्यक्रम मातृशक्ति को जागरूक करने और समाज में मातृत्व, नेतृत्व एवं करतृत्व की भावना जगाने हेतु हो रहा है।
डॉ. रोमा यादव ने कहा कि केवल शिक्षित महिलाएं ही नहीं, ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं भी अपनी प्रतिभा से समाज में योगदान दे सकती हैं। शिक्षित व्यक्ति अपने अधिकार और कर्तव्यों का बेहतर पालन कर सकता है।
राखी कुमारी ने भारतीय वस्तुओं के उपयोग और देशी रोजगार बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और संस्कारों को घर-घर तक पहुंचाना आवश्यक है ताकि समाज भारतीय संस्कृति पर आधारित जीवन जी सके।
प्रांत प्रभारी उमाशंकर पोद्दार ने प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष में मातृशक्ति को संगठित कर समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए नई प्रवृत्तियों की ओर प्रवृत्त करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सप्तशक्ति संगम का आधार गीता के दसवें अध्याय के 24वें श्लोक पर आधारित है, जिसमें नारी की सात शक्तियों का वर्णन है।
रानी महकम ने नारी की भूमिका को माता, पत्नी, बहन और बेटी के रूप में समाज निर्माण की प्रेरणा बताया।
इस अवसर पर अतिथि परिचय शिशु मंदिर प्रभारी प्रधानाचार्य ममता जायसवाल ने कराया जबकि मंच संचालन प्रभा झा एवं अनीता दीदी ने किया। कार्यक्रम में भागलपुर विभागीय जिला निरीक्षक सतीश कुमार सिंह, बांका विभागीय निरीक्षक ब्रह्मदेव प्रसाद, विद्यालय के प्रधानाचार्य अमरेश कुमार, शशिभूषण मिश्र, दीपक कुमार झा सहित भागलपुर व बांका जिले के अनेक शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं अभिभावक उपस्थित रहे।
