रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/बिहार
भागलपुर विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा में अब महज कुछ ही दिन शेष बचे हैं। ऐसे में भागलपुर समेत आसपास के इलाकों में मूर्तिकार मां सरस्वती की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में दिन-रात जुटे हुए हैं हालांकि इस बार कड़ाके की ठंड और धूप की कमी ने मूर्तिकारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। धूप नहीं निकलने के कारण प्रतिमाओं को सुखाने में काफी परेशानी हो रही है। कई मूर्तिकारों का कहना है कि नमी बने रहने से मूर्ति के आकार और मजबूती पर असर पड़ता है जिससे उन्हें अतिरिक्त समय और मेहनत करनी पड़ रही है।इन चुनौतियों के बीच एक सकारात्मक पहल भी देखने को मिल रही है। भागलपुर में इस बार सरस्वती प्रतिमाओं को रंगने के लिए इको फ्रेंडली रंगों का उपयोग किया जा रहा है। ये रंग पर्यावरण के लिए सुरक्षित हैं और पूजा के बाद विसर्जन के समय जल स्रोतों को नुकसान नहीं पहुंचाते।मूर्तिकारों का कहना है कि परंपरा और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। ठंड की कठिनाइयों के बावजूद वे समय पर सुंदर और पर्यावरण हितैषी प्रतिमाएं तैयार करने में जुटे हुए हैं।
