किशनगंज से मोहम्मद मुजाहिद की रिपोर्ट
टेढ़ागाछ प्रखंड के भोरहा पंचायत में स्कूली बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा दोनों पर संकट मंडरा रहा है। यहाँ स्कूल जाने के लिए आज भी पगडंडी ही बच्चों का सहारा है। बरसात के मौसम में यही पगडंडी कीचड़ और दलदल में बदल जाती है, जिससे छोटे-छोटे छात्रों को रोज़ाना हादसों का खतरा उठाकर विद्यालय पहुँचना पड़ता है।
अभिभावकों की बढ़ी चिंता
अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा के लिए बच्चों को घर से निकलते ही मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कई बच्चे फिसलकर घायल भी हो चुके हैं। उनका आरोप है कि यदि विद्यालय तक पक्की सड़क और चारदीवारी का निर्माण नहीं हुआ, तो बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।
ग्रामीणों का अल्टीमेटम
ग्रामीणों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग को चेतावनी दी है कि अब और लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भोरहा पंचायत के लोग आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
जनप्रतिनिधियों से गुहार
स्थानीय लोगों ने जनप्रतिनिधियों और शिक्षा विभाग से अपील की है कि मासूम बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्यालय तक पक्की सड़क और चारदीवारी का निर्माण जल्द से जल्द कराया जाए, ताकि बच्चे सुरक्षित माहौल में पढ़ाई कर सकें।
