शर्मिला कुमारी ताज़ा पत्रिका , गलगलिया :- मितुल कुमार, कमांडेंट, 8वीं वाहिनीं सशस्त्र सीमा बल,खपरैल के मार्गदर्शन में वाहिनी द्वारा राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन के तहत बाह्य सीमा चौकी बरामानीरामजोत में स्थापित मधुमक्खी पालन खेती से प्राप्त उत्पादित शहद को सैनिक सम्मेलन के माध्यम से समस्त बाह्य सीमा चौकियों को शहद वितरण किया गया है I उत्पादित हुए शहद को जवानों के खाने के लिए प्रयोग में लाया जाएगा ताकि जवानों के स्वास्थ्य एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढेगा मिलेगा l प्राकृतिक उपचार के रूप में भी प्रयुक्त होता है Iमहोदय ने अपने संबोधन में कहा कि शहद का नियमित सेवन, विशेषकर गुनगुने पानी के साथ, पाचन को सुधारने, गले की खराश और खांसी से राहत दिलाने, इम्युनिटी बढ़ाने और वजन प्रबंधन में मदद करता है। एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर, यह हृदय स्वास्थ्य के लिए बेहतर है और शरीर को डिटॉक्सिफाई करता है सभी कार्मिकों को सीमित मात्रा में सेवन करना चाहिए ।
अंत में इस अवसर पर महोदय ने सैनिक सम्मेलन में उपस्थित सभी अधिकारियों व कार्मिकों को संबोधित करते हुए उनके व्यवहारिक आचरण, सुरक्षा व्यवस्था के प्रचलन तथा प्रशासनिक सुधारों के विषय में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश प्रदान किए। महोदय द्वारा सभी को प्रेरित किया गया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण अभियान में सभी कार्मिकों को अपने परिवार के नाम पर पौधा जरुर लगाये साथ ही वे अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहते हुए अनुशासन, समर्पण एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करें।
8वीं वाहिनीं सशस्त्र सीमा बल खपरैल द्वारा राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन के तहत उत्पादित शहद को जवानों के खाने के लिए वितरण किया गया
