गलगलिया (किशनगंज):
सीमांत सुरक्षा बल (एसएसबी) की 8वीं वाहिनी मुख्यालय परिसर में शनिवार को पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक भव्य वृक्षारोपण अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कमांडेंट मितुल कुमार के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से संपन्न हुआ। इस दौरान अधिकारियों, जवानों और सामाजिक संगठनों ने मिलकर परिसर में विभिन्न प्रजातियों के लगभग सौ पेड़-पौधे लगाए।

कार्यक्रम का आयोजन अणुव्रत समिति सिलीगुड़ी के अध्यक्ष एवं प्रसिद्ध राष्ट्रीय हास्य व्यंग्य कवि करण सिंह जैन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। यह अभियान अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के चौथे दिन मुनिश्री आनंद कुमार जी की प्रेरणा से “पर्यावरण दिवस” के रूप में मनाया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने न केवल वृक्षारोपण किया बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के प्रति जागरूकता का संकल्प भी लिया।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित कमांडेंट मितुल कुमार ने अणुव्रत समिति के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण आज के समय की सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा, “प्राकृतिक संतुलन के बिना धरती का अस्तित्व संकट में पड़ सकता है। हमें आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरा-भरा वातावरण सुनिश्चित करना होगा। इसके लिए प्रत्येक नागरिक को वृक्षारोपण को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।”
कमांडेंट ने आगे कहा कि एसएसबी न केवल सीमाओं की सुरक्षा करती है, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय दायित्वों को भी समान रूप से निभाती है। वृक्षारोपण अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि सीमांत क्षेत्रों में भी हरियाली बढ़ाकर पर्यावरण संतुलन को बनाए रखना जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान अणुव्रत समिति की ओर से कमांडेंट मितुल कुमार और उप कमांडेंट ओमप्रकाश को पारंपरिक खादा पहनाकर सम्मानित किया गया। इस सम्मान के बाद कमांडेंट ने समिति के सदस्यों का स्वागत किया और उनके कार्यों की सराहना की।
समारोह में समाजसेवी रविन्द्र जैन और दीपज्योति चक्रवर्ती सहित 8वीं वाहिनी के अधिकारी, बलकर्मी और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक रूप से पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया और पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी तय की गई।
इस मौके पर उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में यह संदेश दिया कि हर व्यक्ति यदि अपने जीवन में एक पेड़ भी लगाकर उसकी देखभाल करे, तो धरती फिर से हरी-भरी और संतुलित बन सकती है। वृक्षारोपण अभियान का यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल साबित हुआ।
