मोहम्मद मुजाहिर किशनगंज
टेढ़ागाछ (किशनगंज): टेढ़ागाछ प्रखंड के चिल्हनिया पंचायत अंतर्गत सुहिया गांव में रेतुआ नदी का कटाव दिनोंदिन भयावह रूप लेता जा रहा है। गांव की सुरक्षा के लिए करीब 70 लाख रुपये की लागत से कटावरोधी योजना चलाई गई थी, लेकिन यह योजना ग्रामीणों के लिए किसी राहत के बजाय चिंता का सबब बन गई है। नदी की तेज धार में आधा निर्माण कार्य बह जाने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी और भय का माहौल है।
ग्रामीणों ने बताया कि कटावरोधी कार्य में भारी लापरवाही और घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसके चलते यह योजना नदी की पहली तेज धार में ही ध्वस्त हो गई। स्थानीय निवासी मसूद अंसारी, खलील अंसारी, निजामुद्दीन, राजेंद्र शर्मा, भोला शर्मा, मु. लीला देवी और मु. शोभा देवी सहित कई परिवारों के घर अब नदी की गर्भ में समाने के कगार पर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक प्रशासन तत्काल बचाव और तटबंध मरम्मती कार्य शुरू नहीं करता, तब तक पूरा टोला नदी में समाने का खतरा बना रहेगा। लोगों ने जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग से आपात राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि योजना के क्रियान्वयन में न तो उचित निगरानी की गई और न ही तकनीकी मानकों का पालन हुआ। अब स्थिति यह है कि रेतुआ नदी का बहाव लगातार गांव की ओर बढ़ रहा है, जिससे किसी भी समय भारी जनहानि और विस्थापन की आशंका है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करने को वे विवश होंगे।
