मोहम्मद मुजाहिर टेढ़ागाछ (किशनगंज)
टेढ़ागाछ प्रखंड के सर्वाधिक बाढ़ प्रभावित पंचायत मटियारी में इस वर्ष कनकई नदी का प्रकोप भयावह रूप ले चुका है। पंचायत के कई गांव — मालिटोला, बाभनटोली, बैसाटोली, गर्राटोली समेत अन्य कई इलाकों में बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुस गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस बार की बाढ़ ने अब तक का सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है, जिसका अनुमान लगाना भी कठिन है।
बढ़ते जलस्तर के कारण कई घर पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। गांवों में आवागमन बाधित हो चुका है, जिससे लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। चूल्हा-घरों तक में पानी घुसने से खाने-पीने की समस्या उत्पन्न हो गई है। स्थानीय लोगों ने स्थिति को “दयनीय और भयावह” बताया है।
ग्रामीणों ने बताया कि सैकड़ों एकड़ में लगी धान और मक्का की फसलें पानी में दबकर नष्ट हो चुकी हैं। पशुओं के चारे की भी भारी किल्लत उत्पन्न हो गई है। कई जगहों पर जन-धन की हानि की भी खबरें सामने आई हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी सीमांचल इलाका हर साल बाढ़ की त्रासदी झेलने को मजबूर है। विधायक बदले, सांसद बदले, सरकारें बदलीं — लेकिन सीमांचल की तस्वीर नहीं बदली।
ग्रामीणों ने बिहार सरकार से आग्रह किया है कि बाढ़ नियंत्रण के लिए स्थायी प्रबंधन किया जाए, ताकि हर साल लोगों को इस भयावह स्थिति से न गुजरना पड़े।
रिपोर्ट: ताज़ा पत्रिका संवाददाता, किशनगंज
