मोहम्मद मुजाहिर संवाददाता किशनगंज
किशनगंज। टेढ़ागाछ प्रखंड का जलमीनार वर्षों से निष्क्रिय पड़ा हुआ है। 2003 में बने इस जलमीनार से शुरुआत में प्रखंड कार्यालय, थाना परिसर, कृषि भवन, बीआरसी भवन, मनरेगा भवन, आईसीडीएस, काली मंदिर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक पानी की आपूर्ति होती थी। लेकिन कुछ वर्षों बाद यह व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि संवेदक द्वारा दोबारा निर्माण के बावजूद अब तक जलापूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। सरकारी दस्तावेजों में आज भी दस से अधिक कार्यालयों को जलापूर्ति दिखायी जाती है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।
स्थिति यह है कि प्रखंड और अंचल कार्यालय आने वाले ग्रामीणों को पीने के पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। पंचायतों में चल रहे एसआईआर और राजस्व एवं भूमि सुधार अभियान के शिविरों में भी पेयजल संकट बना हुआ है।
पूर्व पंचायत समिति सदस्य सीता देवी ने कहा कि सरकार सिर्फ खोखले वादे कर रही है। उन्होंने राज्य स्तरीय टीम से पूरे प्रखंड के सभी पंचायतों की जांच कराने की मांग की है।
