मोहम्मद मुजाहिद, किशनगंज
ताज़ा पत्रिका किशनगंज ज़िले के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय फुलबड़िया में भवन निर्माण कार्य को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार द्वारा करोड़ों रुपये की योजनाएं शिक्षा के विकास और बच्चों की पढ़ाई को बेहतर माहौल देने के लिए लाई जाती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। इसी कड़ी में लगभग 37 लाख 94 हज़ार रुपये की लागत से तीन कमरों का भवन बनना है, लेकिन निर्माण कार्य में नियमों और गुणवत्ता की गंभीर अनदेखी की जा रही है।
ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि भवन निर्माण कार्य में घटिया ईंट, बालू और सीमेंट का प्रयोग किया जा रहा है। यहां तक कि निर्माण की नींव से लेकर दीवार खड़ी करने तक में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि जिस तरह से भवन तैयार हो रहा है, वह अधिक दिनों तक टिक नहीं पाएगा और थोड़े समय में ही दरारें और टूट-फूट शुरू हो जाएगी। इससे न केवल बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी, बल्कि सरकारी धन की भी बर्बादी होगी।
जानकारी के मुताबिक, इस कार्य का जिम्मा संवेदक मोहम्मद नासिर को दिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि संवेदक द्वारा जल्दबाज़ी और अनदेखी में कार्य कराया जा रहा है। लोगों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो बच्चों की जान तक खतरे में पड़ सकती है, क्योंकि कमजोर निर्माण भविष्य में हादसे की वजह बन सकता है।
इसी को लेकर सोमवार को दर्जनों ग्रामीण और अभिभावक मौके पर जमा हो गए और जमकर हंगामा किया। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों से तत्काल जांच की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा जैसी संवेदनशील व्यवस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों को चिन्हित कर उन पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई ठेकेदार इस तरह की लापरवाही न कर सके।
ग्रामीणों ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर उनकी शिकायतों पर विभाग ध्यान नहीं देता है, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। इस मामले ने पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है और लोग शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
