ठाकुरगंज प्रखंड से सांसद को सौंपा गया मांगपत्र, शिक्षा, अवैध खनन और आंगनवाड़ी केन्द्रों की समस्याओं पर जताई गई गंभीर चिंता

किशनगंज। ठाकुरगंज प्रखंड क्षेत्र के ग्राम कचहरी सखुआडाली के सरपंच प्रतिनिधि नासिर आलम ने शनिवार को सांसद महोदय को तीन महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपकर पंचायत क्षेत्र के विकास से जुड़ी प्रमुख समस्याओं को उठाया। ज्ञापनों में शिक्षा व्यवस्था में सुधार, अवैध बालू खनन पर रोक और आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना जैसी जनहित से जुड़ी मांगों को प्रमुखता से रखा गया। इन सभी मुद्दों को ग्रामीणों के जीवन, बच्चों के भविष्य और क्षेत्रीय विकास से सीधे तौर पर जुड़ा बताया गया।

पहले ज्ञापन में सरपंच प्रतिनिधि नासिर आलम ने पंचायत के विभिन्न वार्डों में स्थित सरकारी विद्यालयों की दयनीय स्थिति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने सांसद को बताया कि पासवाटोला, जालमिलिक, हुलहुली, पठानटोली, कठलडांगी और हारामोती जैसे गाँवों के विद्यालयों में भवन और चारदीवारी का अभाव है। इसके कारण बच्चों की पढ़ाई-लिखाई प्रभावित हो रही है। कई विद्यालय खुले मैदान में चल रहे हैं, जिससे बारिश या गर्मी के मौसम में बच्चों को कक्षाएं जारी रखना मुश्किल हो जाता है। चारदीवारी नहीं होने से विद्यालय परिसरों में असामाजिक तत्वों का आना-जाना बना रहता है और कई बार चोरी-डकैती की घटनाएं भी हो चुकी हैं। ग्रामीणों ने कई बार स्थानीय प्रशासन को अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

दूसरे ज्ञापन में सरपंच प्रतिनिधि ने अवैध बालू खनन की समस्या पर सांसद का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि अवैध खनन के कारण पंचायत की लगभग 100 एकड़ उपजाऊ भूमि धीरे-धीरे नदी में समा गई है। हारोभीठा, दोदीगाछ, झकुआटोली, छीलाबाड़ी, बैरागीझाड़, थारोसींहा, टेमुरगाछ, नावघाटा, ओझागीठा और ननकार जैसे कई गाँव इस विनाश की चपेट में हैं। बड़े-बड़े ट्रकों और ट्रैक्टरों से दिन-रात बालू की ढुलाई की जा रही है, जिससे सड़कों की हालत जर्जर हो गई है और बच्चों के लिए विद्यालय जाना भी खतरनाक बन गया है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार बालू खनन की शिकायत संबंधित विभाग को दी, परंतु अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सांसद से इस अवैध गतिविधि पर रोक लगाने और प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास की मांग की।

तीसरे ज्ञापन में आंगनवाड़ी केन्द्रों की भारी कमी को लेकर समस्या उठाई गई। हारामोती, पठानटोली, हुलहुली, हारोभिठा, छिलाबाड़ी, कटहलडांगी, दहीभासा, शीसागुड़ी/बासटोला और औझामिट्टा जैसे गाँवों में आज तक आंगनवाड़ी केन्द्र स्थापित नहीं हो सके हैं। इसके कारण छोटे बच्चों को न तो नियमित पोषण मिल पा रहा है और न ही प्रारंभिक शिक्षा। नासिर आलम ने कहा कि यह समस्या न केवल बच्चों के स्वास्थ्य बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण से भी जुड़ी है। उन्होंने सांसद से आग्रह किया कि संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित कर इन गाँवों में जल्द से जल्द आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना सुनिश्चित की जाए।

सभी मांगपत्र सौंपने के बाद सरपंच प्रतिनिधि नासिर आलम ने कहा कि ये तीनों विषय—शिक्षा, अवैध खनन और आंगनवाड़ी केन्द्र—सीधे तौर पर ग्रामीण विकास से जुड़े हैं। इन समस्याओं के समाधान के बिना पंचायत क्षेत्र का समुचित विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सांसद यदि इस दिशा में पहल करें तो सैकड़ों परिवारों को राहत मिलेगी और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की समस्याओं को सरकार तक पहुँचाना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है, और अब उम्मीद है कि सांसद इन मुद्दों को सदन तक ले जाकर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

रिपोर्ट – ज़की हमदम, ठाकुरगंज (किशनगंज)

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