किशनगंज जिले की ठाकुरगंज विधानसभा क्षेत्र (संख्या 53) में इस बार का विधानसभा चुनाव बेहद दिलचस्प मोड़ ले चुका है। राजनीतिक दलों के साथ-साथ निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी मैदान में उतरकर मुकाबले को त्रिकोणीय नहीं बल्कि बहुकोणीय बना दिया है।
इस सीट पर प्रमुख दलों के बीच जबरदस्त जंग देखने को मिल रही है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने एक बार फिर जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए सऊद आलम पर भरोसा जताया है। वहीं, जनता दल यूनाइटेड (जदयू) से गोपाल कुमार अग्रवाल मैदान में हैं, जो विकास और सुशासन के मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं।
वहीं, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) से मास्टर गुलाम हसनैन ने भी जोरदार तरीके से चुनावी रण में उतरकर मुकाबले को और रोचक बना दिया है। मास्टर गुलाम हसनैन अपने क्षेत्रीय संपर्क और समाजसेवा के कार्यों के कारण इलाके में अच्छी पहचान रखते हैं।
इसके साथ ही दो निर्दलीय उम्मीदवार – फैजान अहमद और तरुण कुमार – भी मैदान में हैं, जो आम जनता से सीधे जुड़ाव और स्थानीय मुद्दों को उठाने का दावा कर रहे हैं।
इस बार ठाकुरगंज की जनता का मूड बिल्कुल साफ दिख रहा है। लोग जाति और धर्म की राजनीति से ऊपर उठकर विकास को प्राथमिकता दे रहे हैं। सड़कों की हालत, शिक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधा, रोजगार और युवाओं के अवसर जैसे मुद्दे हर गली-मोहल्ले में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
स्थानीय मतदाताओं का कहना है कि वे इस बार ऐसे उम्मीदवार को चुनना चाहते हैं जो क्षेत्र में वास्तविक परिवर्तन लाने की क्षमता रखता हो। “अब वक्त बदल गया है, हम जात-पात नहीं, काम देखने वाले नेता को वोट देंगे,” ऐसा कहना है ठाकुरगंज बाजार के एक दुकानदार का।
चुनावी मैदान में जहां दलों के कार्यकर्ता घर-घर जाकर प्रचार में जुटे हैं, वहीं निर्दलीय प्रत्याशी भी अपनी बात जनता तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया और जनसंपर्क पर खास ध्यान दे रहे हैं।
अब देखना यह होगा कि ठाकुरगंज की समझदार जनता किस प्रत्याशी पर भरोसा जताती है और किसे 2025 में विधानसभा भेजने का जनादेश देती है। फिलहाल, माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंग चुका है और हर उम्मीदवार अपने-अपने तरीके से जनता को लुभाने में जुटा है।
रिपोर्ट — ताज़ा पत्रिका, ठाकुरगज
