संवाददाता – शुभम कुमार, भागलपुर।
आइसा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवीण कुशवाहा ने तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टी.एम.बी.यू.) प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के पीजी पुरुष और गर्ल्स छात्रावासों में छात्रों की सुरक्षा खतरे में है।
उन्होंने बताया कि हॉस्टल परिसरों में आए दिन कोबरा, बिटगोए, बिच्छू, नेवला जैसे जहरीले जीव दिखाई देते हैं। हाल ही में पीजी पुरुष छात्रावास संख्या-4 के वॉशरूम के पास एक ब्लैक कोबरा सांप मिला, जिससे छात्र दहशत में हैं।
प्रवीण कुशवाहा ने कहा कि किसी भी छात्रावास की खिड़कियों में जाली नहीं लगी है, बाउंड्री दीवार टूटी हुई है, और हॉस्टल के पीछे स्थानीय लोगों ने जुआखाना और पशु बांधने का अड्डा बना रखा है, जिससे छात्रों को पढ़ाई में भारी परेशानी होती है। रात में जानवरों के शोर से छात्र सो नहीं पाते।
छात्र नेताओं के अनुसार, मोबाइल चोरी की घटनाएं भी लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि साफ-सफाई की व्यवस्था पूरी तरह ठप है। हॉस्टल में फिनाइल, एसिड या ब्लीचिंग पाउडर तक नहीं दिया जाता।
सुविधाओं की बात करें तो, हॉस्टल में मैगजीन, अख़बार, वाई-फाई जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। वॉशरूम के नल टूटे हुए हैं, पानी लगातार बहता रहता है, और पीने योग्य पानी की व्यवस्था भी दयनीय है।
प्रवीण कुशवाहा ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को कई बार शिकायतें और पत्र दिए गए हैं, लेकिन समस्या समाधान की जगह प्रशासन छात्र नेताओं पर फर्जी मुकदमे कर दबाने का प्रयास करता है। उन्होंने कहा कि टी.एम.बी.यू. प्रशासन भ्रष्टाचार और लापरवाही का अड्डा बन चुका है।
आइसा संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे छात्रों के साथ मिलकर आंदोलन तेज करेंगे।
